शरदकालीन गन्ना बुवाई से 25% तक बढ़ेगी पैदावार: सीवान के लकड़ी नबीगंज में भारत शुगर मिल ने किसानों को दिए वैज्ञानिक टिप्स
किसान गोष्ठी में शामिल अधिकारी व अन्य.
सीवान के लकड़ी नबीगंज में भारत शुगर मिल ने किसानों के लिए एक दिवसीय गोष्ठी का आयोजन किया. इसमें शरदकालीन गन्ना बुवाई के वैज्ञानिक तरीकों पर जोर दिया गया, जिससे उत्पादन में 20-25% तक की वृद्धि संभव है. उन्नत बीज, सिंचाई प्रबंधन और आधुनिक यंत्रों के इस्तेमाल से किसानों की आय बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई.
Siwan News: जिले के लकड़ी नबीगंज प्रखंड अंतर्गत आधारपुर गांव में भारत शुगर मिल, सिधवलिया की ओर से शरदकालीन गन्ना बुवाई अभियान के तहत एक दिवसीय किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया. गोष्ठी में क्षेत्र के सैकड़ों प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को गन्ने की वैज्ञानिक खेती, उन्नत बीजों के चयन, समयबद्ध बुवाई और आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल के प्रति जागरूक करना रहा.
20 से 25 प्रतिशत तक अधिक उत्पादन की संभावना
गोष्ठी को संबोधित करते हुए भारत शुगर मिल के गन्ना विभाग के कार्यपालक उपाध्यक्ष शैलेंद्र त्रिपाठी ने मिल द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी.
"किसान भाई परंपरागत खेती छोड़कर वैज्ञानिक तकनीक अपनाएं. शरदकालीन गन्ना बुवाई करने से पैदावार में सीधे 20 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की जा सकती है. इसके साथ ही खूंटी प्रबंधन, प्रमाणित बीजों के चयन और गन्ने के साथ सहफसली खेती अपनाकर किसान कम लागत में अपनी आमदनी को दोगुना कर सकते हैं." — शैलेंद्र त्रिपाठी, कार्यपालक उपाध्यक्ष (गन्ना विभाग), भारत शुगर मिल
बीज उपचार, उन्नत किस्में और सिंचाई प्रबंधन
मिल के गन्ना प्रबंधक अरविंद सिंह ने किसानों को उच्च उत्पादन के गुर सिखाए:
- उन्नत किस्में व उपचार: अधिक उपज और रोगरोधी क्षमता वाली गन्ने की नई प्रजातियों का चयन करने तथा बुवाई से पहले अनिवार्य रूप से बीज उपचार करने पर जोर दिया गया.
- संतुलित पोषण: मिट्टी जांच के आधार पर समय पर उर्वरक, जैविक खाद का प्रयोग और समुचित जल प्रबंधन (सिंचाई) करने की सलाह दी गई, जिससे फसल का संपूर्ण विकास हो सके.
आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से श्रम व समय की बचत
प्रगमेटिक्स संस्थान के विशेषज्ञ नीरज कुमार ने खेती में यंत्रीकरण के महत्व को रेखांकित किया:
- उपयोगी कृषि यंत्र: उन्होंने किसानों को बताया कि डिस्पलांटर, ट्रेंच ओपनर, रोटावेटर और मिट्टी चढ़ाने वाली आधुनिक मशीनों के प्रयोग से समय और मजदूरी की भारी बचत होती है.
- सरकारी अनुदान: किसानों को इन अत्याधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर सरकार द्वारा दिए जा रहे भारी अनुदान (सब्सिडी) की प्रक्रिया से अवगत कराया गया.
गोष्ठी के दौरान किसानों ने गन्ने की खेती, कीट प्रबंधन और भुगतान संबंधी अपनी समस्याएं रखीं, जिनका अधिकारियों ने समाधान किया. इस मौके पर ब्लॉक इंचार्ज योगेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे.
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