सैकड़ों वाहन गुजरते रहे, सड़क पर तड़पता रहा घायल; ट्रैफिक थानाध्यक्ष ने खुद पहुंचाया अस्पताल

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घायल को लेकर हॉस्पिटल पहुंचे थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार

जब सड़क हादसे में घायल व्यक्ति मदद के लिए बेहाल था और सैकड़ों वाहन बिना रुके गुजर गए, तब रीगा के ट्रैफिक थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार ने इंसानियत दिखाते हुए अपनी गाड़ी रोकी. उन्होंने खुद घायल को उठाकर अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच सकी.

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Sitamarhi News: बिहार पुलिस की खाकी को लेकर लोगों के मन में भले ही अलग-अलग धारणा हो, लेकिन सीतामढ़ी के रीगा से सामने आयी एक घटना ने पुलिस के मानवीय चेहरे को सामने रखा है. सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति काफी देर तक सड़क पर पड़ा तड़पता रहा. इस दौरान सैकड़ों वाहन वहां से गुजरते रहे, लेकिन किसी ने रुककर उसकी मदद नहीं की. इसी बीच यातायात थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार की नजर घायल पर पड़ी और उन्होंने तत्काल अपनी गाड़ी रोक दी.

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सड़क पर काफी देर तक तड़पता रहा घायल

रीगा में सड़क दुर्घटना के बाद एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर पड़ा था. घायल को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी, लेकिन काफी देर तक उसे मदद नहीं मिल सकी. वहां से लगातार वाहन गुजरते रहे, लेकिन किसी ने रुककर घायल को अस्पताल पहुंचाने की पहल नहीं की. घायल की हालत देखकर भी लोग आगे बढ़ते रहे.

थानाध्यक्ष ने देखते ही रोक दी अपनी गाड़ी

इसी दौरान उसी रास्ते से यातायात थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार गुजर रहे थे. उनकी नजर सड़क पर पड़े घायल व्यक्ति पर पड़ी तो उन्होंने बिना देर किए अपनी गाड़ी रोक दी. उन्होंने मौके पर पहुंचकर घायल की स्थिति देखी और तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाने की पहल शुरू की.

खुद उठाकर वाहन में बैठाया घायल को

यातायात थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार ने खुद घायल को उठाकर अपने वाहन में बैठाया. इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल पहुंचने के बाद स्ट्रेचर की मदद से घायल को सीतामढ़ी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस तत्परता के कारण घायल को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी.

खाकी के पीछे दिखा पुलिस अधिकारी का मानवीय चेहरा

घटना ने पुलिस की एक अलग तस्वीर सामने रखी. पुलिस की पहचान आम तौर पर कार्रवाई, सख्ती और कानून-व्यवस्था से जुड़ी होती है, लेकिन इस घटना में यातायात थानाध्यक्ष ने अपनी जिम्मेदारी से आगे बढ़कर इंसानियत का परिचय दिया. जिस समय लोग हादसे को देखकर भी आगे बढ़ रहे थे, उस समय उन्होंने घायल की मदद के लिए रुकना जरूरी समझा.

समय पर मदद से मिला घायल को इलाज

गंभीर हालत में सड़क पर पड़े घायल के लिए थानाध्यक्ष की पहल बेहद महत्वपूर्ण रही. समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने से घायल को इलाज मिल सका. प्रशांत कुमार की इस पहल से पुलिस के प्रति सकारात्मक संदेश भी गया है. घटना यह भी बताती है कि सड़क हादसे के बाद घायल व्यक्ति को तत्काल मदद और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना कितना जरूरी है.

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