सीतामढ़ी में 104 करोड़ के ड्रेनेज प्रोजेक्ट पर डीएम सख्त, धीमी प्रगति पर एजेंसी को फटकार

Author Raushan kumar|Edited by Sumit Kumar
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फ़ोटो- बैठक में शामिल डीएम, डीडीसी व अन्य | Prabhat Khabar Network

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सीतामढ़ी शहर को जलजमाव से बचाने के लिए बन रहे 104 करोड़ रुपये के स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट की धीमी गति पर जिला अधिकारी (डीएम) तनय सुल्तानिया ने नाराजगी जताई है. उन्होंने संबंधित कार्यकारी एजेंसी को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं.

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BUIDCO Bihar Projects: सीतामढ़ी शहर को जलजमाव से मुक्ति दिलाने के लिए सात निश्चय योजना के तहत लगभग 104 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज कार्य की धीमी गति पर डीएम तनय सुल्तानिया ने कड़ा रुख अपनाया है. समाहरणालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न चरणों में चल रहे कार्यों और अब तक की वास्तविक प्रगति का जायजा लिया गया. काम में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने संबंधित कार्यकारी एजेंसी को कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने बुडको (BUIDCO) के कार्यपालक अभियंता को एजेंसी से धीमी प्रगति पर तत्काल स्पष्टीकरण मांगने और कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया.

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Sitamarhi News: दैनिक मॉनिटरिंग और 10 दिनों की कार्ययोजना

डीएम ने स्पष्ट किया कि जनहित की इस महत्वपूर्ण योजना में किसी भी स्तर पर बहानेबाजी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने नोडल अधिकारी सह एसडीसी मो. इस्लाम और डीआरडीए निदेशक राजेश भूषण को ड्रेनेज परियोजना की प्रगति का दैनिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया. साथ ही कार्यकारी एजेंसी को प्रत्येक 10 दिनों के लिए व्यावहारिक कार्ययोजना सौंपने को कहा. डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालने के बजाय सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा कराएं.

मेहसौल ओवरब्रिज मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

बैठक के दौरान डीएम ने शहर के बहुप्रतीक्षित मेहसौल ओवरब्रिज निर्माण कार्य की प्रगति की भी बिंदुवार समीक्षा की. उन्होंने गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों, अतिक्रमण और शेष कार्यों का जायजा लेते हुए एजेंसी को निर्देश दिया कि कार्यस्थल पर मैनपावर और आधुनिक मशीनरी की संख्या बढ़ाई जाए. डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मार्च 2027 तक इस ओवरब्रिज का निर्माण हर हाल में पूर्ण होना चाहिए ताकि शहरवासियों को सुगम, सुरक्षित और जाममुक्त आवागमन की सुविधा मिल सके.

रेलवे समन्वय और पाक्षिक प्रगति रिपोर्ट के निर्देश

ओवरब्रिज के तहत रेलवे द्वारा बनाए जा रहे हिस्से की समीक्षा करते हुए बताया गया कि रेलवे से जुड़े कार्यों के लिए लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है. योजना के अनुसार रेलवे से संबंधित तीन स्पैन सहित अन्य आवश्यक कार्यों को सितंबर माह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. डीएम ने कार्यकारी एजेंसी को प्रत्येक 15 दिनों में प्रगति प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. बैठक में डीडीसी श्वेता भारती सहित बुडको और जिला प्रशासन के कई आला अधिकारी मौजूद रहे.

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