सीतामढ़ी: रिंग बांध की जमीन पर किसने किया कब्जा? पैमाइश में कई मकान-होटल सीमा के अंदर मिले, अब होगी कार्रवाई

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सीमांकन कार्य करते बुडको की महिला पदाधिकारी

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सीतामढ़ी में निर्माणाधीन रिंग बांध सड़क की जमीन पर हुए अवैध निर्माणों पर प्रशासन का शिकंजा कसने लगा है. डीएम के निर्देश पर रिंग बांध का सीमांकन शुरू हो गया है, जिसमें कई मकान और होटल निर्धारित सीमा के अंदर पाए गए हैं. सीमांकन पूरा होते ही इन अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी, जिससे निर्माण कराने वालों में हड़कंप मच गया है.

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Sitamarhi News: सीतामढ़ी. शहर में निर्माणाधीन रिंग बांध सड़क की जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए मकान, होटल और अन्य निर्माण अब प्रशासनिक कार्रवाई की जद में आ सकते हैं. पिछले दिनों निरीक्षण के बाद डीएम तनय सुल्तानिया के निर्देश पर मंगलवार को रिंग बांध का दोबारा सीमांकन शुरू किया गया. नक्शे के आधार पर हुई पैमाइश में कई निर्माण सड़क की निर्धारित सीमा के अंदर पाए गये. सीमांकन शुरू होते ही सड़क किनारे निर्माण कराने वालों में हड़कंप मच गया. अधिकारियों के अनुसार, सीमांकन पूरा होने के बाद चिह्नित अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी.

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वीर कुंवर सिंह चौक से शुरू हुई पैमाइश

रिंग बांध की जमीन का सीमांकन मंगलवार को वीर कुंवर सिंह चौक के समीप से शुरू किया गया. पहले चरण में लखनदेई नदी पुल के दक्षिणी हिस्से की ओर करीब 500-600 मीटर तक पैमाइश की गयी.

नक्शे में दर्ज सीमा और स्थल की वास्तविक स्थिति का मिलान कर सरकारी जमीन को चिह्नित किया गया. प्रशासन का उद्देश्य रिंग बांध के लिए निर्धारित जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना है.

अतिक्रमण चिह्नित करने के लिए बनी संयुक्त टीम

रिंग बांध की जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए डुमरा, रीगा और सुप्पी अंचल के अधिकारियों, नगर निगम कर्मियों, टाउन प्लानर और अमीन की संयुक्त टीम को सीमांकन की जिम्मेदारी दी गयी है.

हालांकि, पहले दिन बुडको की एक महिला अधिकारी, अमीन और कुछ अन्य कर्मचारी ही मौके पर मौजूद रहे. सीमित संख्या में कर्मियों की मौजूदगी के कारण पहले दिन ज्यादा क्षेत्र की पैमाइश नहीं हो सकी.

कई मकान और होटल आए निर्धारित सीमा में

सीमांकन के दौरान कई स्थानों पर मकान, होटल और अन्य भवन रिंग बांध की निर्धारित सीमा के अंदर पाए गये. इससे यह संकेत मिला कि सड़क और बांध के लिए निर्धारित सरकारी जमीन के हिस्से पर निर्माण किया गया है.

हालांकि, अभी पूरे क्षेत्र की पैमाइश नहीं हुई है. अधिकारियों का कहना है कि पूर्ण सीमांकन के बाद ही अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

कार्रवाई से पहले वीडियोग्राफी शुरू

प्रशासन की ओर से सीमांकन की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करायी जा रही है. इससे सरकारी जमीन की सीमा और चिह्नित निर्माणों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है.

सीमांकन पूरा होने के बाद प्रशासन की ओर से चिह्नित अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी. इसको लेकर सड़क किनारे निर्माण कराने वालों के बीच चिंता बढ़ गयी है.

पोस्टमार्टम हाउस से गौशाला तक होगी पैमाइश

प्रशासनिक आदेश के अनुसार, रिंग बांध की जमीन का सीमांकन पुराने पोस्टमार्टम हाउस से पासवान चौक, गणिनाथ मंदिर, अंबेडकर चौक होते हुए गौशाला तक किया जाना है.

इस अभियान के लिए आठ पदाधिकारियों के साथ छह अमीन लगाए गये हैं. सीमांकन और आगे की कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की भी तैनाती रहेगी, ताकि अभियान को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराया जा सके.

सीमांकन पूरा होने के बाद स्पष्ट होगी कार्रवाई की तस्वीर

फिलहाल रिंग बांध के एक हिस्से की ही पैमाइश शुरू हुई है. प्रशासन नक्शे और स्थल की वास्तविक स्थिति का मिलान कर सरकारी जमीन को चिह्नित कर रहा है. पूरे क्षेत्र का सीमांकन पूरा होने के बाद अतिक्रमण की स्थिति और उसके बाद की कार्रवाई को लेकर तस्वीर स्पष्ट होगी.

डीएम तनय सुल्तानिया के निर्देश के बाद शुरू हुई इस प्रक्रिया से रिंग बांध की जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने की दिशा में प्रशासनिक कार्रवाई तेज होने के संकेत मिले हैं.

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