मधु को मुखाग्नि देने वाले ससुर जेल गए, पति-सास समेत अन्य फरार; अब परिवार के सामने सवाल- श्राद्ध कौन करेगा?

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मृतका मधु कुमारी की फाइल तस्वीर

घरवारा गांव में विवाहिता मधु कुमारी की मौत के बाद अब उसके श्राद्ध कर्म को लेकर परिवार संकट में है. मुखाग्नि देने वाले ससुर अवधेश झा के जेल जाने से कर्मकांड रुक गया है, जिससे मायका पक्ष बेबस है.

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Madhu Kumari Death Case: घरवारा गांव में विवाहिता मधु कुमारी की मौत के बाद अब उसके श्राद्ध कर्म को लेकर परिवार के सामने संकट खड़ा हो गया है. मधु को मुखाग्नि देने और उतरी धारण करने वाले उसके ससुर अवधेश झा जेल चले गए हैं. मायका पक्ष का कहना है कि इसके बाद ससुराल पक्ष से कोई भी कर्मकांड पूरा कराने के लिए आगे नहीं आ रहा है.

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बेटी को याद करते हुए मां आरती देवी बार-बार बिलख पड़ती हैं. भाई गोपाल झा का कहना है कि बहन के पट्टीदारों ने भी मुंह फेर लिया है. ऐसे में परिवार के सामने सवाल है कि मधु का बाकी श्राद्ध कर्म और पिंडदान कैसे पूरा होगा.

मुखाग्नि देने वाले ससुर जेल गए, फिर अटक गया कर्मकांड

परिजनों के अनुसार, मधु के अंतिम संस्कार के दौरान उसके ससुर अवधेश झा ने मुखाग्नि दी थी और उतरी धारण की थी. इसके बाद उनके जेल चले जाने से आगे के कर्मकांड को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है.

मायका पक्ष का दावा है कि पट्टीदारों में से भी कोई इसकी जिम्मेदारी लेने के लिए आगे नहीं आ रहा है. इसी वजह से श्राद्ध से जुड़े कर्मकांड और पिंडदान नहीं हो पा रहा है.

मां बोलीं- बेटी चली गई, अब कर्मकांड भी पूरा नहीं हो रहा

मधु की मां आरती देवी ने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए कहा कि बेटी की मौत के बाद अब अंतिम संस्कार के बाद होने वाला कर्मकांड भी पूरा नहीं हो पा रहा है.

मायका पक्ष का कहना है कि एक तरफ वे मधु की मौत के मामले में न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं, दूसरी तरफ अब धार्मिक कर्मकांड पूरा कराने को लेकर भी परेशान हैं.

अब सरकारी मदद की गुहार लगा रहा मायका

मधु के मायका पक्ष ने इस स्थिति में प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है. घरवारा गांव में भी इस मामले को लेकर चर्चा हो रही है.

परिजनों के अनुसार, गांव में कुछ लोग यह राय रख रहे हैं कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत अगर संभव हो तो जेल में बंद अवधेश झा को श्राद्ध कर्म संपन्न कराने के लिए पेरोल मिलना चाहिए. मायका पक्ष ने भी इस विकल्प पर सहमति जताई है. हालांकि पेरोल पर अंतिम निर्णय संबंधित सक्षम न्यायिक या प्रशासनिक प्राधिकार के स्तर से ही लिया जा सकता है.

पति-सास और देवर समेत अन्य की तलाश जारी

मामले में मधु के पति, सास और देवर समेत अन्य परिजन फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए गए हैं.

एक तरफ मामले में फरार लोगों की गिरफ्तारी बाकी है, वहीं दूसरी तरफ मधु के श्राद्ध कर्म को लेकर मायका पक्ष मदद की उम्मीद लगाए बैठा है. अब परिवार की नजर प्रशासनिक मदद और मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी है.


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