मखाना खेती के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, 300 हेक्टेयर का लक्ष्य, किसानों को 75% अनुदान
जिला उद्यान अधिकारी
सीतामढ़ी में किसानों के लिए मखाना की खेती एक बेहतर आय का जरिया बनने लगी है. राष्ट्रीय मखाना विकास योजना के तहत 300 हेक्टेयर में उत्पादन का लक्ष्य है, जिसमें किसानों को 75% तक का अनुदान मिलेगा. इच्छुक किसान जल्द ऑनलाइन आवेदन करें.
Sitamarhi News: सीतामढ़ी. वैश्विक सुपर फूड और मिथिला की पहचान मखाना अब सीतामढ़ी में भी किसानों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया बनने लगा है. जिले में 50 हेक्टेयर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत की गयी मखाने की खेती के बेहतर परिणाम के बाद अब इसके उत्पादन को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने की तैयारी शुरू हो गयी है. राष्ट्रीय मखाना विकास योजना के तहत उद्यान निदेशालय ने इस वर्ष जिले में 300 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है.
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों से ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. इच्छुक किसान उद्यान निदेशालय, बिहार सरकार या बिहार कृषि ऐप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. योजना का लाभ पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर लक्ष्य पूरा होने तक दिया जाएगा.
300 हेक्टेयर में मखाना उत्पादन का लक्ष्य
उद्यान कार्यालय के अनुसार निर्धारित 300 हेक्टेयर लक्ष्य में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में तालाब विधि और 200 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती विधि से मखाना उत्पादन कराया जाएगा. विभाग की कोशिश अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने और जिले में मखाना उत्पादन का क्षेत्रफल बढ़ाने की है.
पायलट प्रोजेक्ट के तहत 50 हेक्टेयर में मखाने की खेती के सफल परिणाम मिलने से किसानों का रुझान भी बढ़ा है. विभाग का मानना है कि जिले की जलवायु और उपलब्ध संसाधनों को देखते हुए मखाना उत्पादन की बेहतर संभावनाएं हैं.
75 फीसदी तक मिलेगा अनुदान
मखाना की खेती के लिए किसानों को सरकार की ओर से 75 फीसदी अनुदान दिया जा रहा है. विभाग के अनुसार खेत विधि के लिए 52,800 रुपये और तालाब विधि के लिए 71,600 रुपये की राशि निर्धारित है.
इसके अलावा उन्नत किस्म के बीजों के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. स्वर्ण वैदेही और सबौर मखाना-1 जैसी उन्नत किस्मों के बीज पर किसानों को 225 रुपये प्रति किलोग्राम तक की सब्सिडी दी जाएगी.
हैंडलिंग यूनिट किट से कटाई के बाद का काम आसान होगा
योजना के तहत मखाने की कटाई के बाद रखरखाव, सफाई और प्राथमिक प्रसंस्करण के लिए किसानों को ऑन-फार्म हैंडलिंग यूनिट किट उपलब्ध करायी जाएगी. इस किट में कुल 11 कंपोनेंट और उपकरण शामिल होंगे. जिले में ऐसी 10 यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
योजना में नए क्षेत्रों में मखाना खेती का विस्तार, बीज वितरण और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है. इसके तहत 75 किसानों को प्रशिक्षण देने और 225 किसानों को भ्रमण कराने का लक्ष्य रखा गया है.
महिलाओं के लिए 30 फीसदी सीटें आरक्षित
मखाना विकास योजना में महिला किसानों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 30 फीसदी सीटें आरक्षित की गयी हैं. विभाग की ओर से किसानों को समय पर आवेदन करने की सलाह दी गयी है, क्योंकि मखाना की बुआई और रोपण का काम दिसंबर के आसपास शुरू किया जाता है.
समय पर आवेदन करने से किसान योजना के तहत मिलने वाले अनुदान और अन्य सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे. विभाग की कोशिश है कि जिले के अधिक से अधिक किसान मखाना उत्पादन से जुड़ें और कृषि के साथ उनकी अतिरिक्त आय का स्रोत भी विकसित हो.
क्या कहते हैं जिला उद्यान अधिकारी
जिला उद्यान अधिकारी मो नेयाज अहमद ने कहा कि जिले में मखाना उत्पादन को लेकर किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है. पायलट प्रोजेक्ट के दौरान मिले बेहतर परिणामों से किसानों का भरोसा बढ़ा है. जिले की जलवायु और उपलब्ध संसाधनों को देखते हुए मखाना उत्पादन की संभावनाएं बेहतर हैं. इच्छुक किसान ऑनलाइन माध्यम से योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं.
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