क्लासरूम में छात्रों के बीच बेंच पर बैठ गए डीएम तनय सुल्तानिया, पूछा मनपसंद विषय, फिर शिक्षकों को दी ये नसीहत
बच्चो से संवाद करते डीएम
सीतामढ़ी के जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया ने एक प्रतिष्ठित स्कूल का दौरा किया. उन्होंने बच्चों के बीच बेंच पर बैठकर उनकी पढ़ाई और सुविधाओं के बारे में जाना. डीएम ने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर देने का निर्देश दिया.
Sitamarhi DM Tanay Sultania: सीतामढ़ी जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया ने बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित प्रतिष्ठित सरस्वती विद्या निकेतन (एमपी हाईस्कूल) का विस्तृत निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर में उपलब्ध शैक्षणिक और आधारभूत संरचनाओं का गहन जायजा लिया तथा विद्यालय प्रबंधन से विभिन्न व्यवस्थाओं के संबंध में बिंदुवार जानकारी प्राप्त की. निरीक्षण के क्रम में डीएम ने कक्षाओं, अत्याधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षण प्रणाली और पुस्तकालय सहित विद्यालय के विभिन्न संभागों का बारीकी से अवलोकन किया. निरीक्षण के दौरान डीएम का विद्यार्थियों के प्रति आत्मीय और सहज रवैया पूरे परिसर में चर्चा का विषय बना रहा.
छात्र-छात्राओं के बीच बेंच पर बैठे डीएम, सीधे संवाद कर जाना हाल
कक्षाओं के निरीक्षण के दौरान डीएम तनय सुल्तानिया प्रोटोकॉल से परे हटकर एक बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आए. वे वर्ग कक्ष में पहुंचकर सीधे विद्यार्थियों के बीच बेंच पर जा बैठे और वहां चल रही शैक्षणिक गतिविधियों को करीब से देखा. उन्होंने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित करते हुए उनकी पढ़ाई, पसंदीदा विषय, विद्यालय में मिल रही बुनियादी सुविधाओं और अध्ययन के दौरान आने वाली कठिनाइयों के बारे में प्रत्यक्ष फीडबैक लिया. जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी को अपने बीच पाकर और उनसे सीधे बात करके विद्यार्थी बेहद उत्साहित व प्रफुल्लित दिखे.
केवल भव्य भवन नहीं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण ही मॉडल स्कूल का लक्ष्य
विद्यार्थियों व शिक्षकों को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि मॉडल स्कूल की अवधारणा केवल सुंदर भवन और आधुनिक संसाधनों तक ही सीमित नहीं है. इसका वास्तविक उद्देश्य छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सीखने का एक सकारात्मक और प्रेरणादायी वातावरण उपलब्ध कराना है. उन्होंने जोर देकर कहा कि विद्यालय में उपलब्ध सभी संसाधनों का प्रभावी और शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि हर बच्चे को अपनी अंतर्निहित प्रतिभा और क्षमता को पूरी तरह निखारने का समान अवसर प्राप्त हो सके.
बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ावा दें शिक्षक, तय कराएं लक्ष्य
डीएम ने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे बच्चों के भीतर कुछ नया सीखने की जिज्ञासा को लगातार प्रोत्साहित करें. विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन की आदत डालने के साथ-साथ जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाए. उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों को निर्देश दिया कि छात्रों की शैक्षणिक प्रगति का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाए और कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि आधारभूत ढांचे के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और बच्चों का सर्वांगीण विकास ही शिक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
विद्यालय के इस विस्तृत निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान डीएम के साथ सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) आनंद कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) राघवेंद्र मणि सहित शिक्षा विभाग के कई अन्य वरीय पदाधिकारी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक और सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं मुख्य रूप से उपस्थित रहे. डीएम ने अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि जिले के अन्य विद्यालयों में भी इसी तरह नियमित निरीक्षण कर शैक्षणिक गुणवत्ता को निरंतर बनाए रखा जाए.
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