सीतामढ़ी में भागवत कथा के दौरान गूंजा भक्ति और विश्वास का संदेश, कथा व्यास ने बताया- भक्त की रक्षा को क्यों प्रकट हुए नरसिंह

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कथा सुनातीं कथा व्यास पूर्णिमा गार्गी.

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सीतामढ़ी के हनुमान मंदिर बाजार समिति में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा. कथा व्यास देवी पूर्णिया गार्गी ने भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और भगवान नरसिंह के अवतार की प्रेरक कथा सुनाई.

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Sitamarhi News: नगर स्थित हनुमान मंदिर बाजार समिति के प्रांगण में महंत राज नारायण दास के नेतृत्व में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. श्रीधाम वृंदावन से पहुंचीं कथा व्यास देवी पूर्णिया गार्गी कथा का वाचन कर रही हैं.

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कार्यक्रम के मुख्य यजमान पिंकी देवी और संजय कुमार ने कथा व्यास सहित संत, महंत एवं कलाकारों का फूल-माला और अंगवस्त्र देकर स्वागत किया. कथा के दौरान भक्त प्रह्लाद की भक्ति, भगवान नरसिंह के अवतार और ईश्वर के प्रति दृढ़ विश्वास का प्रसंग सुनाया गया.

भक्त प्रह्लाद की भक्ति का सुनाया प्रसंग

कथा व्यास देवी पूर्णिया गार्गी ने भक्त प्रह्लाद की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि कलियुग में जो जीव अपना आत्मकल्याण चाहता है, उसके लिए प्रह्लाद की भक्ति प्रेरणादायी है.

उन्होंने कहा कि भक्त प्रह्लाद की कथा सच्ची भक्ति, विश्वास और बुराइयों पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. भगवान के चरणों में दृढ़ विश्वास रखने वाले भक्तों की रक्षा के लिए परमात्मा किसी भी रूप में प्रकट हो सकते हैं.

कथा सुनातीं कथा व्यास पूर्णिमा गार्गी. | Prabhat Khabar Network
कथा सुनातीं कथा व्यास पूर्णिमा गार्गी.

भक्त की रक्षा के लिए भगवान ने लिया नरसिंह अवतार

कथा व्यास ने बताया कि भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए भगवान ने नरसिंह रूप धारण किया था. उन्होंने श्रद्धालुओं को भक्ति और ईश्वर के प्रति विश्वास का महत्व समझाया.

कथा के दौरान भक्त प्रह्लाद के जीवन से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सत्य, विश्वास और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया.

अजामिल के उद्धार का भी किया वर्णन

देवी पूर्णिया गार्गी ने कहा कि ईश्वर का नाम इतना शक्तिशाली है कि अंत समय में भी सच्चे पश्चाताप के साथ भगवान का स्मरण करने वाले पापी अजामिल का भी उद्धार हो सकता है.

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल पुराण नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की वाणी है. यदि मन परमात्मा के चरणों में लगा रहे तो मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है.

संत-महंत और कलाकारों का किया गया स्वागत

कथा आयोजन के दौरान मुख्य यजमान पिंकी देवी और संजय कुमार ने कथा व्यास देवी पूर्णिया गार्गी समेत संत, महंत और कलाकारों का फूल-माला एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत किया.

कार्यक्रम के आयोजन में शैलेंद्र प्रसाद, ललित प्रसाद, सुरेंद्र प्रसाद, संतोष कुमार, विजय प्रसाद, राकेश प्रसाद, जानकी दास, रामबालक गुप्ता, सिरचन साह, नथनी दास और मंदिर के पुजारी सीताराम दास का सहयोग रहा.

भजन-कीर्तन और कथा में कलाकारों ने दिया सहयोग

कथा कार्यक्रम में गायन के लिए शैलेंद्र कुमार सुमन ने सहयोग किया. हारमोनियम पर सुबोध कुमार, नाल पर जितेंद्र कुमार और पैड पर प्रो. चंदेश्वर ने संगत दी.

वहीं रसोई की व्यवस्था सुरेंद्र दास ने संभाली. आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने की अपील की.

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