सुराग. व्यवसायी के िदल व फेफड़े को िनशाना बना की फायरिंग
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Mar 2016 6:47 AM
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अपरािधयों ने मोहन के सीने में करीब से मारी थी गोली सीतामढ़ी : नगर के दाल व्यवसायी मोहन हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में लगी जिला पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगी है. एक तरह से कहा जाये तो प्रमोद हत्याकांड को अंजाम देने वाले कातिलों ने अपने ‘स्टाइल ऑफ मर्डर’ के तरीकों से पुलिस […]
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अपरािधयों ने मोहन के सीने में करीब से मारी थी गोली
सीतामढ़ी : नगर के दाल व्यवसायी मोहन हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में लगी जिला पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगी है. एक तरह से कहा जाये तो प्रमोद हत्याकांड को अंजाम देने वाले कातिलों ने अपने ‘स्टाइल ऑफ मर्डर’ के तरीकों से पुलिस के लिए सुराग छोड़ दिया है. यही वह कड़ी है, जिस पर आगे बढ़ कर पुलिस, कातिलों के हाथ में हथकड़ी डालने के प्रयास में जुट गयी है.
मोहन की हत्या के कारणों व हत्या के तरीकों की गहन समीक्षा के बाद पुलिस अब यह मान कर चल रही है कि यह किसी आदतन व निर्दयी अपराधी की करतूत है. जिसकी नजर में इनसान की कीमत गाजर-मूली से ज्यादा नही है.
पुलिस सूत्रों पर भरोसा करें, तो इस महत्वपूर्ण बिंदू पर काम कर रही जिला पुलिस की नजर मोहन हत्याकांड को अंजाम देनेवाले अपराधियों पर पड़ चुकी है. कारण है कि इस तरह के आदतन व निर्दयी कातिल जिले में आधा दर्जन के आसपास हैं, जिसमें कुछ जेल के अंदर हैं और कुछ जेल के बाहर.
सीने पर चलायी थी अंधाधुंध गोली : मोहन के परिजनों ने किसी पर हत्या की आशंका व्यक्त नहीं की है. कारण है कि मिलनसार व शांत स्वभाव के मोहन की किसी से दुश्मनी नहीं थी.
मोहन की जातीय दुश्मनी की कुंडली खंगालने के बाद पुलिस भी तकरीबन यह मान कर चल रही है कि लूट की घटना को अंजाम देने के दौरान प्रमोद की हत्या हो गयी. अनुसंधान में यह स्पष्ट होने पर कि लूट के कारण मोहन की हत्या कर दी गयी, उसी बिंदु पर अपना कदम आगे बढ़ा रही पुलिस ने जांच के क्रम में यह पाया कि प्रमोद को घायल कर भी लूटपाट की घटना को अंजाम दिया जा सकता है.
उसके पैर व शरीर के दूसरे हिस्साें पर भी एक गोली मारकर उसे घायल किया जा सकता था, लेकिन उसके सीने पर अंधाधुंध फायरिंग की गयी. आखिर क्यों?
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