बगाही रामनगर में महिलायें चला रही दुग्ध भंडारण व शीतक यंत्र

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 18 Jan 2016 6:53 PM

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बगाही रामनगर में महिलायें चला रही दुग्ध भंडारण व शीतक यंत्र बदलते गांव फोटो नंबर-5, मुखिया गोल्डी कुमारी, 6, उत्क्रमित मध्य-उच्च विद्यालय भवन, 7, दुग्ध भंडारण व शीतक मशीन, 8, पीसीसी सड़क पंचायत में उत्क्रमित मध्य-उच्च विद्यालय भीस्वास्थ्य उपकेंद्र भवन की है आवश्यकता प्रदूषित पानी से 12 सौ एकड़ खेतीहर जमीन है बेकारहृदोपट्टी, बड़कुड़वा, रामनगर […]

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बगाही रामनगर में महिलायें चला रही दुग्ध भंडारण व शीतक यंत्र बदलते गांव फोटो नंबर-5, मुखिया गोल्डी कुमारी, 6, उत्क्रमित मध्य-उच्च विद्यालय भवन, 7, दुग्ध भंडारण व शीतक मशीन, 8, पीसीसी सड़क पंचायत में उत्क्रमित मध्य-उच्च विद्यालय भीस्वास्थ्य उपकेंद्र भवन की है आवश्यकता प्रदूषित पानी से 12 सौ एकड़ खेतीहर जमीन है बेकारहृदोपट्टी, बड़कुड़वा, रामनगर व सिमाना टोला में विद्युतीकरण कार्य है बाकी प्रतिनिधि, रुन्नीसैदपुर. पिछले दस वर्षों से सूबे में बहे विकास की बयार में प्रखंड के बगाही रामनगर पंचायत तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है. कीचड़-युक्त पगडंडियों के सहारे चलने को बेबश पंचायतवासी आज पीसीसी सड़क पर चल रहे हैं. पंचायत की अधिकांश झुग्गी-झोपड़ियां आज इंदिरा आवास योजना के तहत पक्के मकान में तब्दील हो चुकी है. कभी विद्यालय की दूरी अधिक होने के कारण शिक्षा से वंचित हो रहे छात्र-छात्राओं के लिए पंचायत के बगाही मध्य विद्यालय को उच्च विद्यालय में तब्दील कर दिया गया है. इसके लिए अलग से भवन बनाये गये है. इस पंचायत के बगाही दुग्ध उत्पादक केंद्र प्रखंड के सुधा डेयरी के दुग्ध केंद्र में अग्रणी माना जाता है. फिलहाल के वर्षों में डेयरी की ओर से यहां दुग्ध भंडारण व शीतक संयंत्र भी लगाये गये है. दिलचस्प यह है कि यह केंद्र महिलाओं द्वारा संचालित किये जाते है. पंचायत में खुला बर्फ फैक्टरी लगभग 97 सौ की जनसंख्या वाले कुल 12 वार्ड में विभाजित इस पंचायत में मतदाताओं क संख्या 48 सौ के करीब है. शिक्षा के क्षेत्र में विगत 10 वर्षों के अंदर हुए इस बदलाव के परिणामस्वरूप आज इस पंचायत में तीन नव सृजित, एक प्राथमिकी, तीन मध्य व एक उत्क्रमित मध्य उच्च विद्यालय संचालित किये जा रहे हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में पंचायत में स्वास्थ्य उपकेंद्र तो है, किंतु भवन के अभाव में उसे सामुदायिक भवन में संचालित किये जा रहे है. ग्रामीण व्यवसाय के क्षेत्र में भी काफी दिलचस्पी ले रहे हैं. पंचायत में बर्फ फैक्टरी गत वर्ष खोला गया है. किसानों के लिए गोदाम का निर्माणवहीं किसानों के लिए पैक्स कार्यालय सह गोदाम भवन का भी निर्माण कराया गया है. हालांकि पंचायत के किसान बदहाल हैं. पंचायत के करीब 12 सौ एकड़ जमीन मनुषमारा नदी के काला पानी व रीगा चीनी मिल द्वारा छोड़े जा रहे प्रदूषित पानी के जलजमाव की समस्या से विगत से 15 वर्षों से बेकार बना है. राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण बगाही रामनगर पंचायत राजनीतिक दृष्टि कोण से भी महत्वपूर्ण रहा है. इसी पंचायत की बहू गुड्डी देवी वर्ष 2005 से वर्ष 2015 तक लगातार दो बार विधायक निर्वाचित हुई. पंचायत के मुखिया पद पर भी वर्ष 1978 से लगातार आज तक एक ही परिवार के लोग निर्वाचित होते रहे हैं. पंचायत में बिछा सड़कों का जालविद्युत सुविधा के तहत पंचायतवासी लाभान्वित हुए हैं. हालांकि हृदोपट्टी, बड़कुड़वा, रामनगर व सिमाना टोला में अभी विद्युतीकरण कार्य बाकी है. यहां के निवासी अब तक विद्युत सुविधा से वंचित है. पंचायत भवन का निर्माण तत्कालीन मुखिया स्व कृष्णचंद्र ठाकुर द्वारा वर्ष 1982 में अपनी जमीन दान देकर कराया गया, जिसमें 80 प्रतिशत सरकारी व 20 प्रतिशत जनसहयोग की राशि व्यय की गयी थी. स्वच्छता मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए पंचायतवासियों द्वारा दिये गये सैकड़ों आवेदन लंबित पड़े हैं. मनरेगा से भी सराहनीय काम किये गये हैं. बगाही से रामनगर होते हुए बड़कुड़वा तक जाने वाली सड़क पर करीब 25 सौ फिट में मिट्टी भराई का काम फिलवक्त जारी है. विभिन्न पदों पर आसीन हुए युवक व महिलायें शिक्षा के प्रति ग्रामीणों में उत्साह जगा है. इसी का परिणाम है कि शोभा रानी, पोलो कुमारी समेत कई महिलायें आज शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं. वहीं अमरेश कुमार चौधरी वर्तमान में बैंक के शाखा प्रबंधक के पद पर तैनात हैं. अखिलेश कुमार आयकर विभाग में व अंजन कुमार रेलवे में तो प्रभात रंजन वायुसेना व रविरंजन थल सेना में भरती हो देश की सेवा कर रहे है. क्या कहती हैं मुखियामुखिया गोल्डी कुमारी के अनुसार उनके कार्यकाल में पंचायत की लगभग 45 सौ फिट सड़कों का पीसीसी कार्य हुआ है. वहीं दो हजार फिट प्रस्तावित है, जो एक माह में आरंभ हो जायेगा. पंचायत में तीन सामुदायिक भवन विभिन्न कोष से बनाये गये हैं. 650 वृद्ध, असहाय, विकलांग व विधवाओं को पेंशन का लाभ मिल रहा है. पेयजल के लिए एक सौ चापाकल लगाये गये हैं.

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