शिवहर जेल और थाने में मनाया गया अनोखा रक्षाबंधन, पुलिसकर्मियों की कलाई पर बांधी राखी

Updated:
विज्ञापन

फतेहपुर थानाध्यक्ष राधेश्याम के कलाई पर राखी बांधती बहन सुनीता दीदी

शिवहर जेल और फतेहपुर थाने में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा एक अनूठा रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान जेल अधीक्षक राकेश कुमार समेत जेल कर्मियों और फतेहपुर थानाध्यक्ष राधे श्याम के नेतृत्व में 15 पुलिस पदाधिकारियों व जवानों की कलाई पर राखी बांधी गई.

विज्ञापन

Sheohar News: शिवहर. रविवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय प्रभु प्रियाभवन कहतरवा सेवा केंद्र की संचालिका बीके सुनीता बहन की ओर से मंडल कारा शिवहर और फतेहपुर थाना परिसर में रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान जेल अधीक्षक राकेश कुमार समेत कर्मियों और फतेहपुर थानाध्यक्ष राधे श्याम समेत 15 पुलिस पदाधिकारियों व जवानों की कलाई पर राखी बांधी गयी.

आपके शहर में

विज्ञापन

जेल से थाना तक पहुंचा रक्षाबंधन का संदेश

मंडल कारा अधीक्षक राकेश कुमार के कलाई पर राखी बांधती बहन सुनीता दीदी व अन्य | Prabhat Khabar Network
मंडल कारा अधीक्षक राकेश कुमार के कलाई पर राखी बांधती बहन सुनीता दीदी व अन्य

बीके सुनीता बहन ने जेल अधीक्षक राकेश कुमार, अन्य कर्मियों तथा फतेहपुर थानाध्यक्ष राधे श्याम और पुलिस पदाधिकारियों व जवानों की कलाई पर राखी बांधी.

उन्होंने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय रक्षाबंधन को केवल भाई-बहन के लौकिक रिश्ते तक सीमित नहीं रखता, बल्कि इसे आध्यात्मिक और सार्वभौमिक संदेश के रूप में मनाता है.

काम, क्रोध, लोभ और अहंकार से रक्षा का संदेश

बीके सुनीता ने बताया कि रक्षाबंधन आत्मा की शुद्धि, पवित्रता और काम, क्रोध, लोभ, मोह तथा अहंकार जैसे विकारों से रक्षा का प्रतीक है.

राखी बांधना मन, वचन और कर्म से पवित्र रहने की प्रतिज्ञा का संदेश देता है. उन्होंने कहा कि यह पर्व व्यक्ति को अपने भीतर के विकारों से बचने और जीवन में सकारात्मकता अपनाने की प्रेरणा देता है.

तिलक दिलाता है आत्मा-भान की याद

बहन सुनीता ने बताया कि माथे पर लगाया जाने वाला तिलक इस बात की याद दिलाता है कि हम केवल शरीर नहीं, बल्कि शांत और पवित्र आत्मा हैं. इसे आत्मा-भान का प्रतीक बताया गया.

उन्होंने कहा कि रक्षासूत्र परमपिता परमात्मा शिव के साथ स्नेह और समर्पण का प्रतीक है. संस्था के अनुसार सच्चा रक्षक वही सर्वशक्तिमान परमात्मा है, जो मनुष्य को बुराइयों से बचाता है.

प्रेम, शांति और भाईचारे का दिया संदेश

बीके सुनीता ने कहा कि रक्षाबंधन जाति, धर्म और सीमाओं से ऊपर उठकर पूरे मानव समाज को प्रेम, शांति और भाईचारे के सूत्र में जोड़ने की प्रेरणा देता है.

कार्यक्रम के दौरान जेल और पुलिसकर्मियों को रक्षाबंधन के इसी आध्यात्मिक महत्व की जानकारी दी गयी.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन