हिंदी दिवस पर तरियानी में प्रतियोगिता का आयोजन, डिजिटल युग में हिंदी के प्रयोग का संदेश
हिंदी दिवस पर कॉलेज सभागार प्रांगण में उपस्थित सभी प्राचार्ज एवं अन्य
राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर तरियानी के नगीना-रामधयान शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय में लेखन एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इसमें बी.एड. और डी.एल.एड. के प्रशिक्षुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. प्रतियोगिता ने हिंदी भाषा के प्रति रुचि और अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया.
Sheohar News: तरियानी. तारानगर छतौनी स्थित नगीना-रामधयान शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय के डॉ. कपिलदेव नारायण सभागार में शनिवार को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी लेखन एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मो. अजहरुल्लाह के संरक्षण और प्रो. मोहन कुमार के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में बी.एड. एवं डी.एल.एड. के प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
हिंदी लेखन और भाषण प्रतियोगिता में प्रशिक्षुओं ने लिया हिस्सा
प्रतियोगिता में बी.एड. प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा डी.एल.एड. द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. अमन कुमार, शिवम कुमार, रवि राज, रिषभ, सिमरन, सलोनी, सुधांशु, रिशी कुमार, विशाल, रिंकी, कर्मवीर, स्वाति, मोनिका, गुंजा, अर्चना, विकास एवं मुन्ना कुमार समेत अन्य प्रशिक्षुओं ने प्रतियोगिता में भाग लिया.
अमन कुमार प्रथम, शिवम द्वितीय और सिमरन तृतीय
प्रतियोगिता के परिणाम में अमन कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. शिवम कुमार को द्वितीय और सिमरन को तृतीय स्थान मिला. बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं की प्रतिभा की उपस्थित लोगों ने सराहना की. प्रतियोगिता के माध्यम से प्रशिक्षुओं को हिंदी भाषा के प्रति रुचि और अभिव्यक्ति क्षमता विकसित करने का अवसर मिला.
प्रो. मोहन कुमार ने हिंदी की उपयोगिता पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान प्रो. मोहन कुमार ने हिंदी के वर्तमान स्वरूप और कार्यालयी कार्यों में हिंदी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों द्वारा हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाना देश की प्रगति में योगदान देगा. उन्होंने प्रशिक्षुओं को दैनिक और व्यावहारिक जीवन में हिंदी के प्रयोग के लिए प्रेरित किया.
हिंदी को जन-जन की भाषा बनाने पर जोर
प्रो. पंकज कुमार ने हिंदी को जन-जन की भाषा के रूप में स्वीकार करने और इसके अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया. उन्होंने कहा कि हिंदी के प्रचार-प्रसार और सम्मान के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है. हिंदी के नियमित प्रयोग से भाषा के प्रति लोगों का जुड़ाव और मजबूत होगा.
डिजिटल युग में हिंदी लिपि के प्रयोग का आह्वान
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ. मो. अजहरुल्लाह ने हिंदी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने वर्तमान डिजिटल युग में मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर हिंदी लिपि के अधिकाधिक प्रयोग की आवश्यकता बतायी. उन्होंने कहा कि दैनिक संवाद में अधिक से अधिक हिंदी शब्दों के प्रयोग का संकल्प लेना चाहिए.
अमन कुमार ने किया मंच संचालन
कार्यक्रम का मंच संचालन बी.एड. द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षु अमन कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मुन्ना कुमार ने प्रस्तुत किया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, प्रशिक्षु और अन्य लोग मौजूद रहे. सभी ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और सम्मान को लेकर अपने विचार साझा किये.
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