सासाराम के छात्र ने बनाया स्मार्ट सिंचाई मॉडल, खेत में पानी भरते ही खुद बंद हो जाएगा पंप

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फोटो कैप्शन : वीकेंड गतिविधियां परियोजना के तहत अपना मॉडल प्रस्तुत करता राजेन्द्र विद्यालय का छात्र कुशवाहा | Prabhat Khabar Network

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सासाराम के राजेन्द्र विद्यालय के छात्र शाश्वत कुशवाहा ने एक ऐसा स्मार्ट सिंचाई मॉडल तैयार किया है जो पानी और बिजली की भारी बचत करेगा. यह मॉडल खेत में आवश्यक जल स्तर पूरा होते ही सिंचाई पंप को स्वचालित रूप से बंद कर देता है.

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Rohtas News : राजेन्द्र विद्यालय, सासाराम के कक्षा आठ के छात्र शाश्वत कुशवाहा ने जल संरक्षण और आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक स्मार्ट सिंचाई मॉडल तैयार किया है. यह मॉडल खेत में आवश्यक जल स्तर पूरा होते ही सिंचाई के लिए चल रहे पानी के पंप को स्वत: बंद कर देता है. छात्र के इस नवाचार की विद्यालय में खूब सराहना हो रही है.

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वीकेंड गतिविधियां परियोजना में दिखी वैज्ञानिक प्रतिभा. शिक्षकों के सामने किया मॉडल प्रस्तुत

भारत सरकार के प्रतिष्ठित वीकेंड गतिविधियां (वीकेंड एक्टिविटीज) कार्यक्रम के तहत आईसीएसई (सीआईएससीई) से संबद्ध राजेन्द्र विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी वैज्ञानिक परियोजनाएं तैयार कर प्रस्तुत कीं. परियोजना प्रभारी एवं विज्ञान शिक्षक ऋषु श्रीवास्तव, प्रभात कुमार सिंह और मनीष कुमार सिंह के समक्ष विभिन्न मॉडल प्रदर्शित किए गए. इनमें शाश्वत कुशवाहा का स्मार्ट सिंचाई मॉडल सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना.

सेंसर तकनीक से होगी पानी और बिजली की बचत. किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

शाश्वत द्वारा विकसित इस मॉडल में खेत में आवश्यक जल स्तर पूरा होते ही इलेक्ट्रॉनिक सेंसर सक्रिय हो जाता है और सिंचाई का पंप स्वत: बंद कर देता है. इससे पानी की अनावश्यक बर्बादी रुकती है, भूजल संरक्षण को बढ़ावा मिलता है तथा किसानों के समय, श्रम और बिजली की भी बचत होती है. यह मॉडल कृषि में आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग का एक व्यवहारिक उदाहरण माना जा रहा है.

विद्यालय प्रबंधन ने की सराहना. वैज्ञानिक सोच को मिलेगा प्रोत्साहन

विद्यालय प्रबंधन ने छात्र के अभिनव प्रयास की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक कृषि के लिए उपयोगी पहल बताया. विज्ञान शिक्षकों ने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान की भावना और सामाजिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने की क्षमता विकसित करती हैं.

प्रधानाचार्य बोले- छोटे नवाचार बन सकते हैं बड़े बदलाव की नींव

विद्यालय के प्रधानाचार्य नब्येन्दु बिस्वास ने सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं और विज्ञान विभाग को बधाई देते हुए कहा कि राजेन्द्र विद्यालय विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान की संस्कृति को लगातार बढ़ावा देता रहेगा. उन्होंने कहा कि छात्रों के छोटे-छोटे नवाचार भविष्य में समाज और राष्ट्र के लिए बड़े परिवर्तन का आधार बन सकते हैं.


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