सोन नदी में बढ़ा पानी तो सताने लगा 10 साल पुरानी बाढ़ का डर, सासाराम के इन इलाकों में बढ़ी चिंता
सोन नदी में बढ़ा जलस्तर | Prabhat Khabar Network
नासरीगंज में लगातार बारिश और इंद्रपुरी बराज से पानी छोड़े जाने के कारण सोन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इससे तटीय गांवों और किसानों की फसलों पर बाढ़ व कटाव का खतरा मंडराने लगा है, जिससे लोग पलायन करने को मजबूर हैं. सीओ अंचला कुमारी ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है, राहत शिविरों की तैयारी पूरी है
Sasaram Sone River Flood : सासाराम के नासरीगंज में लगातार हो रही बारिश के कारण गुरुवार को सोन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी गई. सोन नदी के जलस्तर बढ़ने से सोन तटीय इलाके के लोगो को बाढ़ का डर सता रहा हैं.
आपके शहर में
लोग लगभग 10 वर्ष पूर्व आई बाढ़ को ले काफी डरे व सहमे हुए हैं कि कही 10 वर्ष पहले वाला स्थिति न उत्पन्न हो जाए. सोन नदी के तट पर बसे गांव के लोगों को कटाव की चिंता सताने लगी है.

बुधवार की शाम इंद्रपुरी बराज से 34 गेट खोलकर एक लाख 53 हजार 166 क्यूसेक पानी सोन नदी में छोड़ा गया था. मंगलवार व बुधवार की अपेक्षा गुरुवार को सोन नदी का जलस्तर में बढ़ोतरी हुआ हैं. सोन नदी का जलस्तर बढ़ने से सोन डिले पर रहने और खेती करने वाले लोग अपने घरों की ओर पलायन कर गए हैं.
बक्सर: गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर खबर छपने के बाद जागा प्रशासन, तटबंधों पर EC बैग का भंडारण
लोगो का कहना है कि सोन नदी के जलस्तर बढ़ने से किसानों के खेती प्रभावित हो गई है और उनके फसल को काफी नुकसान हो गया है. सोन नदी में पानी बढ़ने से निचले क्षेत्र के लोगों में बाढ़ का डर अभी से सताने लगा है. हालांकि बाढ़ से निपटने के लिए प्रसाशन पूरी तरह से मुस्तैद है और अपनी पूरी तैयारियां कर ली है.
सोन नदी तट के किनारे बसे गांव पर मंडराया खतरा
नासरीगंज प्रखंड के सबदला, अमियावर, पड़ुरी, नगर पंचायत नासरीगंज, हरिहरगंज, जमालपुर, महादेवा, मंगराव, तुर्क बिगहा, गनौरी विगहा, बालदेव टोला समेत कई गांव सोन नदी में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की चपेट में आ सकता हैं.
जलस्तर बढ़ने से इन गांवों का तट का कटाव भी धीरे धीरे हो रहा है. सोन के बाढ़ का सीधा असर इन गांवों पर पड़ता है. सोन में आई बाढ़ का असर विगत कुछ वर्ष पहले देखा गया हैं. जहां कई गांव में बाढ़ का पानी घुस जाने से लोगों के सामने आर्थिक रूप से गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई थी. वहीं कई गांव में लोग नाव का सहारा लेकर आवागमन करने को मजबूर थे.
सोन नदी में जलस्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा महादेवा गांव होता है प्रभावित
सोन नदी में लगातार जलस्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा अतीमी पंचायत के महादेवा गांव प्रभावित होता है. इस गांव के लगभग एक दो दर्जन घर सोन नदी के तट के एकदम किनारे पर है जो सबसे ज्यादा प्रभावित होगा. पिछले लगभग 10 वर्ष पूर्व बाढ़ आने से महादेवा गांव के अंदर पानी घुस गया था जिसके कारण कई घर गिर गया था.
बाढ़ आने से महादेवा गांव सबसे ज्यादा प्रभावित होता है. पिछले करीब 10 वर्ष पहले महादेवा गांव में बाढ़ का पानी घुस गया था जिससे आवागमन काफी प्रभावित हुआ था. नाव के सहारे लोग आने जाने को मजबूर थे. पानी का स्तर बढ़ने से फिर से महदेवा गांव के लोगो को बाढ़ आने की चिंता सताने लगी है.
सोन नदी में जलस्तर बढ़ने से सब्जी की खेती होती है सबसे अधिक प्रभावित
सोन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से सोन नदी के उसपार डिले पर खेती करने वाले किसानों की परेशानियां काफी हद तक बढ़ गयी है. जलस्तर बढ़ने से सब्जी की खेती सबसे अधिक प्रभावित होती है. वही धान की भी फसल को क्षति पहुंचता हैं.
सब्जी की खेती प्रभावित होने से किसानों के सामने आर्थिक स्थिति उत्पन्न हो जाती है और उनके रोजगार पर बुरा असर पड़ता है. सोन नदी के उसपार खेती करने वाले किसान जलस्तर के बढ़ने से अपने फसल के नुकसान होने को लेकर चिंतित है. सब्जी के खेती कर के ही अपने परिवार का भरण पोषण करते है.

बाढ़ की स्थिति पर सीओ अंचला कुमारी की प्रतिक्रिया
सीओ अंचला कुमारी ने बताया कि लगातार सोन नदी का निरीक्षण कर सोन नदी का जलस्तर पर निगरानी रखा जा रहा हैं. लोगो से अपील हैं कि सोन नदी तट के किनारे न रहे. सोन नदी में बाढ़ से निपटने को ले सभी तरह की तैयारियां पूरी हैं.
सोन नदी में बाढ़ आने पर सोन तट के किनारे रहने वाले लोगो के लिए महादेवा व कछवां गांव स्थित जो स्कूल है वहाँ पर लोगो को रहने व खाने की सारी व्यवस्था की जाती है. बाढ़ राहत कोष के तहत लोगो की सभी जरूरतें पूरी की जाती है. सोन का जलस्तर अभी बाढ़ के खतरे से बहुत कम हैं. सोन तटीय इलाकों के ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए