रोहतास: दिनारा PHC में 18 घंटे भर्ती रही प्रसूता, नवजात की मौत के बाद स्वास्थ्यकर्मियों पर लगा लापरवाही का आरोप
जांच करते अनुमंडल पदाधिकारी व बीडीओ
दिनारा के पीएचसी में प्रसव के दौरान लापरवाही का आरोप लगा है. 18 घंटे भर्ती रहने के बाद भी प्रसूता की हालत बिगड़ने पर नवजात की मौत हो गई. मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है.
Rohtas Obstetrician Death: दिनारा प्रखंड क्षेत्र के लिलवछ निवासी शुभम रवानी की पत्नी नीतू कुमारी को प्रसव के लिए परिजनों ने 14 अगस्त को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिनारा में भर्ती कराया. परिजनों का आरोप है कि करीब 18 घंटे तक भर्ती रहने के बावजूद प्रसव नहीं कराया गया. इस दौरान प्रसूता की हालत बिगड़ने पर स्वास्थ्य प्रबंधन की ओर से उसे सासाराम रेफर किया जाने लगा. इसके बाद स्वजन महिला को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल ले गए, जहां प्रसव के बाद चिकित्सक ने नवजात को मृत घोषित कर दिया.
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परिजनों ने की जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग जिला पदाधिकारी से की. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने एसडीएम बिक्रमगंज के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की. टीम को पीएचसी दिनारा का निरीक्षण कर मामले की जांच और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया.
एसडीएम के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने की जांच
जिला पदाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को एसडीएम बिक्रमगंज दिलीप कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिनारा का निरीक्षण किया. टीम में बीडीओ कुलदीप कुमार विभूति एवं अस्पताल मैनेजर बिक्रमगंज शबनम कुमारी शामिल थीं. अधिकारियों ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित कर्मियों से मामले की जानकारी ली. इसके साथ ही आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए.
जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी
निरीक्षण के बाद एसडीएम दिलीप कुमार ने बताया कि जिला पदाधिकारी के निर्देश पर पीएचसी दिनारा की जांच की गई है. मामले से संबंधित तथ्यों एवं उपलब्ध अभिलेखों की जांच कर रिपोर्ट तैयार कर ली गई है. साथ ही पूरा वीडियो फुटेज पेन ड्राइव में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. एसडीएम ने बताया कि आवश्यक कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को भेज दी गई है. जांच के बाद अब परिजनों को मामले में कार्रवाई की उम्मीद है.
क्या कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राघवेंद्र कुमार ने बताया कि महिला जब प्रसव कराने अस्पताल पहुंची थी, तब डॉ. राहुल कुमार ने जांच के बाद उसे भर्ती किया था. उन्होंने बताया कि रात में प्रभारी स्वयं ड्यूटी पर मौजूद थे और उनके द्वारा महिला की दो बार जांच की गई थी. उनके अनुसार, जांच के दौरान महिला की स्थिति ठीक थी.
हालांकि, परिजनों ने एसडीएम के समक्ष आरोप लगाया कि रात में किसी चिकित्सक ने महिला की जांच नहीं की. परिजनों ने एसडीएम के समक्ष दवा के लिए पैसे मांगने का आरोप भी लगाया है. मामले में जांच रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को भेजे जाने के बाद अब आगे की कार्रवाई का इंतजार है.
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