हिंदी दिवस पर रोहतास के शेरशाह महाविद्यालय में भाषा के सम्मान और प्रयोग पर जोर

Updated:
विज्ञापन

हिंदी दिवस कार्यक्रम में उपस्थित प्राचार्य व मौजूद शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मी. | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

रोहतास के शेरशाह महाविद्यालय में हिंदी दिवस का भव्य आयोजन हुआ. प्राचार्य ने छात्रों से हिंदी को केवल भाषा नहीं, बल्कि संस्कृति और एकता का प्रतीक मानने का आग्रह किया. ज्ञान और शोध की प्रभावी भाषा बनाने पर भी जोर दिया गया.

विज्ञापन

Rohtas Hindi Diwas : हिंदी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा, संवेदना और सामाजिक एकता की सशक्त वाहक है. अपनी भाषा के प्रति सम्मान हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव का प्रतीक है. यह बातें शेरशाह महाविद्यालय, सासाराम में हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो. डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने कहीं.

विज्ञापन

अध्ययन और व्यवहार में हिंदी के प्रयोग का आह्वान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य ने छात्रों से हिंदी के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने तथा अध्ययन और व्यवहार में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं होती, बल्कि समाज और संस्कृति को एक-दूसरे से जोड़ने का काम भी करती है. हिंदी की समृद्ध परंपरा भारतीय समाज की विविधता में एकता को मजबूत करती है.

ज्ञान और शोध की प्रभावी भाषा बने हिंदी

कॉलेज के बर्सर एवं श्रम एवं समाज कल्याण विभागाध्यक्ष डॉ. मुस्तफा नवाज ने कहा कि हिंदी को केवल भाषा या विषय तक सीमित रखने के बजाय ज्ञान, शोध, तकनीक और सामाजिक परिवर्तन की प्रभावी भाषा के रूप में विकसित करने की जरूरत है. वर्तमान डिजिटल युग में हिंदी के सामने अपार संभावनाएं हैं.

उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी में पढ़ने, लिखने और शोध करने के साथ डिजिटल माध्यमों पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री तैयार करने के लिए आगे आने की अपील की. उन्होंने कहा कि दूसरी भाषाओं का ज्ञान जरूरी है, लेकिन अपनी भाषा के प्रति गौरव की भावना बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है.

हिंदी साहित्य ने समाज को दी नई दिशा

हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने हिंदी की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि हिंदी साहित्य ने हमेशा समाज को नई दिशा देने का कार्य किया है.

इस अवसर पर राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. शिव विवेक और बीसीए विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार ने भी अपने विचार रखे. छात्रों में सृष्टि, सारिका, दीपांजलि, मेधा और उज्ज्वल ने हिंदी भाषा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किये.

कार्यक्रम में सूरज कुमार तिवारी, कमल कुमार, शिवाकांत, विक्की राज, मनीष कुमार, पुष्पा कुमारी, धीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, अंकित कुमार, शनि कुमार, अभय, कुंदन सहित अन्य शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मी मौजूद थे.

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन