वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों को देनी होगी सभी जानकारी, शिक्षक-कर्मियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य
AI से बनाई गई तस्वीर
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा ने संबद्ध कॉलेजों से शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति, स्वीकृत पदों व कार्यरत कर्मियों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. बायोमेट्रिक उपस्थिति अब अनिवार्य होगी.
Kaimur News : वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के कुलसचिव ने एक साथ पांच पत्र जारी कर विश्वविद्यालय की सभी अंगीभूत इकाइयों से अलग-अलग रिपोर्ट और आवश्यक जानकारी मांगी है. विश्वविद्यालय की ओर से शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति, स्वीकृत पदों और कार्यरत कर्मियों से संबंधित अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही कॉलेजों में शिक्षक और कर्मियों की दैनिक उपस्थिति बायोमैट्रिक माध्यम से दर्ज करना अनिवार्य किया गया है.
स्वीकृत पदों के विरुद्ध स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव मांगा
कुलसचिव की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सरकार से मान्यता प्राप्त विषयों में मानक के अनुरूप छात्र-शिक्षक अनुपात बनाए रखने के लिए स्वीकृत पदों के विरुद्ध स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करना जरूरी है. इसके लिए शासी निकाय में निर्णय लेकर बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 की धारा 57, 57(क) एवं 57(ख) में उल्लिखित अहर्ता और प्रक्रिया के तहत विश्वविद्यालय चयन समिति के गठन के लिए प्रस्ताव जल्द विश्वविद्यालय कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की अपडेट सूची मांगी
कॉलेजों को सृजित एवं स्वीकृत पदों के विरुद्ध विधिवत नियुक्त और कार्यरत शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की अद्यतन सूची निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने को कहा गया है. सूची को शासी निकाय से अनुमोदित कराने के बाद जल्द विश्वविद्यालय कार्यालय को भेजना होगा.
इसी तरह शासी निकाय द्वारा सृजित एवं स्वीकृत पदों के विरुद्ध कॉलेज सेवा आयोग और विश्वविद्यालय चयन समिति के माध्यम से विधिवत नियुक्त तथा विश्वविद्यालय से अनुमोदित शिक्षकों की अद्यतन सूची भी मांगी गयी है. यह सूची वरीयता क्रम के अनुसार निर्धारित प्रपत्र में तैयार कर शासी निकाय से अनुमोदन के बाद विश्वविद्यालय को उपलब्ध करानी होगी.
मान्यता प्राप्त विषयों में पद स्वीकृति के लिए प्रस्ताव देना होगा
सरकार से संबद्धता प्राप्त विषयों में शिक्षकों और आवश्यकता के अनुसार कर्मियों के पद स्वीकृत कराने के लिए भी कॉलेजों को प्रस्ताव देना होगा. इसके लिए शासी निकाय से निर्णय लेने के बाद प्रस्ताव विश्वविद्यालय कार्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है.
शिक्षक पांच और कर्मी सात घंटे कॉलेज में रहेंगे
कुलसचिव के एक अन्य पत्र में शिक्षकों और कर्मचारियों की दैनिक उपस्थिति को लेकर भी निर्देश जारी किया गया है. पत्र में कहा गया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और छात्र-छात्राओं की 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समय-समय पर निर्देश प्राप्त होते रहे हैं.
इसी क्रम में शिक्षकों के लिए प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे और कर्मचारियों के लिए सात घंटे कॉलेज में उपस्थिति अनिवार्य की गयी है. जारी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी.
हर माह विश्वविद्यालय को भेजनी होगी बायोमैट्रिक उपस्थिति
कॉलेज प्रशासन को शिक्षक और कर्मियों की दैनिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से बायोमैट्रिक माध्यम से दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है. बायोमैट्रिक उपस्थिति की प्रति प्रत्येक माह के अंतिम कार्य दिवस को विश्वविद्यालय की ओर से जारी ईमेल आईडी पर भेजनी होगी. यदि अंतिम कार्य दिवस अवकाश रहता है, तो उसके अगले कार्य दिवस पर उपस्थिति की प्रति भेजना अनिवार्य होगा.
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