जेपीयू के भूगोल विभाग में नवागंतुक छात्रों का स्वागत, संवाद कार्यक्रम में मिला अकादमिक मार्गदर्शन

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कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राएं | Prabhat Khabar Network

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जय प्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू) के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग ने सत्र 2026-28 के नए छात्रों के लिए दीक्षारम्भ सह संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवागंतुकों का विश्वविद्यालय से परिचय कराना और वरिष्ठ छात्रों के साथ अकादमिक संवाद स्थापित करना था.

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JP University : जय प्रकाश विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग के तत्वावधान में सत्र 2026-28 के नव-नामांकित छात्र-छात्राओं के स्वागत के लिए दीक्षारम्भ सह संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य नवागंतुक विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय परिवार से परिचय कराने के साथ स्नातकोत्तर के विभिन्न सत्रों के वरिष्ठ विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक संवाद और समन्वय स्थापित करना था.

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विभागाध्यक्ष ने नियमित पढ़ाई पर दिया जोर

कार्यक्रम की अध्यक्षता भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो. श्रीकमल ने की, जबकि राजेंद्र कॉलेज, छपरा के भूगोल विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अजित डोनाल्ड मसीह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे. विभागाध्यक्ष ने नवागंतुक छात्र-छात्राओं का विभाग में स्वागत करते हुए उन्हें नियमित पठन-पाठन, शोधपरक सोच और अकादमिक अनुशासन अपनाने के लिए प्रेरित किया.

उन्होंने कहा कि स्नातकोत्तर स्तर पर अध्ययन केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह गहन विश्लेषण, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और आलोचनात्मक चिंतन विकसित करने का अवसर है. उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि विभाग उनकी अकादमिक प्रगति, व्यक्तित्व विकास और उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.

वरिष्ठ और कनिष्ठ छात्रों के बीच संवाद पर जोर

विभागाध्यक्ष ने वरिष्ठ और कनिष्ठ विद्यार्थियों के बीच स्वस्थ संवाद और सहयोगात्मक वातावरण बनाये रखने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि आपसी संवाद से विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ विभागीय वातावरण को समझने में भी मदद मिलती है.

जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन में भूगोल की भूमिका बतायी

मुख्य अतिथि प्रो. अजित डोनाल्ड मसीह ने विद्यार्थियों को भूगोल विषय के व्यावहारिक महत्व और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, संसाधन प्रबंधन, शहरीकरण और आपदा न्यूनीकरण जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भूगोल की महत्वपूर्ण भूमिका है.

उन्होंने अपने लंबे शैक्षणिक अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए उन्हें लगातार जिज्ञासु बने रहने और कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया. साथ ही समाजोपयोगी शोध कार्यों से जुड़ने का आह्वान किया.

संवाद सत्र में छात्रों ने साझा किए विचार

कार्यक्रम के दौरान आयोजित संवाद सत्र में छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव और विचार साझा किये. विद्यार्थियों ने प्राध्यापकों से शैक्षणिक विषयों को लेकर मार्गदर्शन भी प्राप्त किया. इस दौरान विभाग के प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और अध्ययन के प्रति गंभीरता पर जोर दिया.

कार्यक्रम में डॉ. अनुपम कुमार सिंह, डॉ. धनंजय कुमार आजाद, डॉ. तपस्या, डॉ. नेहा कुमारी पाण्डेय, डॉ. भूपेश मिश्रा, डॉ. अल्पना ज्योति एवं देवेश राय समेत विभाग के अन्य प्राध्यापक और सदस्य मौजूद रहे. सभी ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

मृत्युंजय कुमार ने किया मंच संचालन

कार्यक्रम का मंच संचालन मृत्युंजय कुमार ने किया. इसमें स्नातकोत्तर के विभिन्न सत्रों के विद्यार्थी शामिल हुए. कार्यक्रम के माध्यम से नवागंतुक विद्यार्थियों को विभागीय गतिविधियों और अकादमिक वातावरण से परिचित कराने के साथ उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए प्रेरित किया गया.

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