सरयू नदी के जलस्तर में 72 घंटे में 1.14 मीटर की बढ़ोतरी, सारण के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

Updated:
विज्ञापन

रिविलगंज प्रखंड के दिलियारहिमपुर पंचायत में पहुंचा बाढ़ का पानी

Sarayu River Water Level Chhapra: लगातार हो रही बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी से सारण जिले में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. सरयू नदी के जलस्तर में पिछले 72 घंटों में 1.14 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं. रिविलगंज और अन्य तटीय इलाकों में बाढ़ का असर दिख रहा है.

विज्ञापन

Sarayu River Water Level Chhapra: लगातार हो रही बारिश और नेपाल से आ रहे पानी का असर अब सारण जिले में स्पष्ट रूप से दिखने लगा है. गंडक और गंगा की तुलना में सरयू नदी के जलस्तर में सबसे अधिक तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है. पिछले 72 घंटे में सरयू के जलस्तर में करीब 1.14 मीटर की बढ़ोतरी हुई है. जलस्तर में अचानक हुई इस वृद्धि से प्रशासन की चिंता बढ़ गयी है.

आपके शहर में

विज्ञापन

बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का दौरा शुरू कर दिया है. वहीं, राहत और बचाव की तैयारियां भी तेज कर दी गयी हैं. जिले के रिविलगंज, मांझी, सदर, दिघवारा और सोनपुर प्रखंड के नदी तटीय इलाकों में बाढ़ का असर अधिक दिखाई दे रहा है.

बाल्मीकि नगर बैराज से फिर छोड़ा गया 1.47 लाख क्यूसेक पानी

लगातार बारिश और नेपाल से आ रहे पानी के कारण सारण में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. बुधवार को एक बार फिर बाल्मीकि नगर बैराज से करीब 1.47 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इसका असर जिले की नदियों के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है.

पड़ोसी जिलों और राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण विभिन्न नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है. नदी तटीय क्षेत्र के कई गांव पहले ही बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं. कई इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है.

नोट: फोटो नंबर  2 सीएचपी 14,15,16 है कैप्सन होगा-रिविलगंज प्रखंड के दिलियारहिमपुर पंचायत में पहुंचा बाढ़ का पानी | Prabhat Khabar Network

रिविलगंज की कई पंचायतों में फिर शुरू हुआ पलायन

रिविलगंज प्रखंड की कई पंचायतें दोबारा आयी बाढ़ से प्रभावित हो गयी हैं. इनमें छपरा शहर से सटे दिलियारहीमपुर पंचायत के कई गांव शामिल हैं. जान टोला और नेवाजी टोला समेत अन्य इलाकों के 100 से अधिक घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. पानी बढ़ने के बाद प्रभावित परिवारों का पलायन शुरू हो गया है.

सिताब दियारा और आसपास की अन्य पंचायतें भी प्रभावित होने लगी हैं. सदर प्रखंड के कुतुबपुर दियारा, कोटवा पट्टी रामपुर और मम्हाजी सहित कई इलाकों में सरयू नदी का पानी प्रवेश कर गया है. कई गांवों के टापू में तब्दील होने की स्थिति बन गयी है.

नोट: फोटो नंबर  2 सीएचपी 14,15,16 है कैप्सन होगा-रिविलगंज प्रखंड के दिलियारहिमपुर पंचायत में पहुंचा बाढ़ का पानी | Prabhat Khabar Network

बुधवार को नदियों के जलस्तर में तेजी से हुई वृद्धि

बुधवार को जिले के विभिन्न नदी घाटों पर जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गयी. बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता की ओर से 2 सितंबर की सुबह छह बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, घाघरा नदी छपरा का खतरे का निशान 53.68 मीटर है, जबकि वर्तमान जलस्तर 52.33 मीटर दर्ज किया गया. मंगलवार की तुलना में बुधवार को यहां 49 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई.

सरयू/घाघरा नदी के सिसवन क्षेत्र में खतरे का निशान 57.04 मीटर है और वर्तमान जलस्तर 56.21 मीटर दर्ज किया गया. यहां 17 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है.

गंडक नदी हाजीपुर में खतरे का निशान 50.32 मीटर है, जबकि वर्तमान जलस्तर 49.71 मीटर है. मंगलवार की तुलना में बुधवार को यहां 28 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी.

गंडक नदी रेवा में खतरे का निशान 54.41 मीटर है और वर्तमान जलस्तर 53.67 मीटर दर्ज किया गया. यहां पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है.

गंगा नदी गांधी घाट पर खतरे का निशान 48.60 मीटर है, जबकि बुधवार को जलस्तर 49.73 मीटर दर्ज किया गया. यानी नदी खतरे के निशान से 1.13 मीटर ऊपर बह रही है. यहां मंगलवार की तुलना में करीब 32 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी है.

सारण में नदियों का वर्तमान जलस्तर

2 सितंबर 2026 की स्थिति

नदीखतरे का निशानवर्तमान जलस्तरबढ़ोतरी
गंगा, गांधी घाट48.60 मीटर49.73 मीटर32 सेंटीमीटर
गंडक, हाजीपुर50.32 मीटर49.71 मीटर28 सेंटीमीटर
गंडक, रेवा54.41 मीटर53.67 मीटर5 सेंटीमीटर
सरयू/घाघरा, सिसवन57.04 मीटर56.21 मीटर17 सेंटीमीटर
घाघरा, छपरा53.68 मीटर52.33 मीटर49 सेंटीमीटर

48 घंटे बाद जलस्तर में कमी की उम्मीद

बाढ़ प्रमंडल, सारण के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार प्रभाकर ने कहा कि लगातार बारिश, नेपाल से आ रहे पानी और पड़ोसी राज्यों में नदियों के जलस्तर में वृद्धि का असर सारण की विभिन्न नदियों पर दिख रहा है. हालांकि, यह स्थिति ज्यादा दिनों तक रहने की संभावना नहीं है और 48 घंटे बाद जलस्तर में फिर कमी शुरू होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि स्थिति मौसम पर निर्भर करेगी.

उन्होंने बताया कि प्रशासन ने पहले से ही आवश्यक तैयारियां कर रखी हैं. आम लोगों से नदी तटों के पास नहीं जाने की अपील की गयी है. नाविकों से भी फिलहाल नदियों में नाव नहीं ले जाने का आग्रह किया गया है.

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने का दिया निर्देश

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा करने और स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया है. प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव की तैयारियों को भी सक्रिय रखा गया है.

इसे भी पढ़ें: ‘झंडू कुमार’ को कभी नाम पर मिले ताने, मेडल जीते तो हुआ भव्य स्वागत, पीएम मोदी की भी मिली बधाई

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन