छपरा सदर अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए होंगे कई काम, 31 अक्टूबर तक पूरा कराने का निर्देश
पदाधिकारीयों के साथ सदर अस्पताल का निरीक्षण करते डीएम वैभव श्रीवास्तव | Prabhat Khabar Network
छपरा सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। जिला अधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए हैं। कई महत्वपूर्ण कार्य 31 अक्टूबर तक पूरे किए जाएंगे।
Saran News : छपरा सदर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर व व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की कवायद तेज कर दी है. जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने गुरुवार को सदर अस्पताल परिसर का गहन निरीक्षण कर चिकित्सा सेवाओं, निर्माण कार्यों, स्वच्छता और आधारभूत संरचना की स्थिति का जायजा लिया. निरीक्षण के बाद रोगी कल्याण समिति की बैठक में अस्पताल से जुड़ी कई छोटी लेकिन जरूरी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का निर्देश दिया गया. इन कार्यों को 31 अक्टूबर तक पूरा करने की समय-सीमा तय की गयी है.
ड्रग स्टोर से ब्लड बैंक तक व्यवस्थाओं की जांच
निरीक्षण के दौरान डीएम ने ड्रग स्टोर, ब्लड बैंक, ब्लड सेपरेशन यूनिट, टीबी केंद्र समेत अस्पताल की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों का जायजा लिया. उन्होंने दवाओं की उपलब्धता, भंडारण व्यवस्था, साफ-सफाई और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली. निर्माण एजेंसी बीएसएमआईसीएल की ओर से कराये जा रहे कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गयी.
पर्याप्त संसाधनों के साथ समय पर पूरा करें निर्माण
डीएम ने बीएसएमआईसीएल के अधिकारियों को पर्याप्त मानवबल और मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित कर निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि मरीजों और अस्पताल कर्मियों को जल्द बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिल सकें.
डीआरडीए निदेशक को निर्माण कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा कर प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. इससे कार्यों की लगातार निगरानी करने और सामने आने वाली अड़चनों का समय पर समाधान करने में मदद मिलेगी.
स्वच्छता और कचरा उठाव पर विशेष जोर
अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था को डीएम ने सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया. ड्रग सेफ्टी ऑफिसर को नियमित ऑडिट कराने को कहा गया, ताकि दवाओं की व्यवस्था और भंडारण की लगातार निगरानी हो सके.
अस्पताल परिसर से कचरे का समय पर उठाव सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया गया. नगर निगम के माध्यम से नियमित कचरा उठाव की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया, ताकि मरीजों, परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों को स्वच्छ वातावरण मिल सके. बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन को भी बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जायेगा.
एक भवन में व्यवस्थित होंगे विभिन्न कार्यालय
अस्पताल परिसर में अलग-अलग स्थानों पर संचालित कार्यालयों को एक भवन में व्यवस्थित ढंग से स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया. इससे परिसर में अनावश्यक बिखराव कम करने और उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी.
डीएम ने अग्निशमन वाहनों के निर्बाध आवागमन के लिए फायर फाइटिंग मार्ग का सत्यापन कराने को भी कहा. अस्पताल की सड़कों, ड्रेनेज और जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक स्थानों पर पेवर ब्लॉक लगाने का निर्देश दिया गया.
उपयोग किये गये पानी के पुनः उपयोग की बनेगी व्यवस्था
अस्पताल परिसर में पानी के बेहतर प्रबंधन पर भी डीएम ने जोर दिया. उन्होंने उपयोग किये गये पानी के पुनः उपयोग की व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि पानी की बर्बादी कम हो और उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सके.
जलनिकासी की समस्या वाले हिस्सों में सुधार के साथ पेवर ब्लॉक लगाने से जलजमाव कम करने और अस्पताल परिसर में आवागमन को सुगम बनाने पर भी जोर दिया गया.
31 अक्टूबर तक लघु योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य
निरीक्षण के बाद डीएम की अध्यक्षता में रोगी कल्याण समिति की बैठक हुई. इसमें समिति के सदस्यों से अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था, मरीजों की जरूरतों और आवश्यक सुधारों को लेकर सुझाव और फीडबैक लिया गया. प्राप्त सुझावों के आधार पर मिशन कायाकल्प के तहत विभिन्न लघु योजनाओं को प्राथमिकता के साथ प्रस्तावित किया गया और उन्हें 31 अक्टूबर तक पूरा कराने का निर्देश दिया गया.
ओपीडी से दवा केंद्र तक लगेंगे पेवर ब्लॉक
बैठक में अस्पताल के विभिन्न हिस्सों में पेवर ब्लॉक लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई. इसमें ओपीडी, आर्ट सेंटर, पोस्टमार्टम भवन, निबंधन केंद्र और दवा वितरण केंद्र के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं. एमसीएच भवन की मरम्मत और परिसर में पेवर ब्लॉक लगाने पर भी विचार किया गया.
20 सोलर लाइट और मुख्य द्वार पर ग्लो साइन बोर्ड
अस्पताल परिसर में 20 सोलर लाइट लगाने का प्रस्ताव रखा गया. इसके अलावा मुख्य द्वार पर ग्लो साइन बोर्ड स्थापित करने पर भी चर्चा हुई. इससे अस्पताल परिसर में रोशनी की व्यवस्था बेहतर करने के साथ अस्पताल की पहचान और विभिन्न सुविधाओं की जानकारी लोगों तक आसानी से पहुंचाने में मदद मिलेगी.
मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल की सुविधाओं और नियमों की स्पष्ट जानकारी देने के लिए आईसीटी आधारित सिटीजन चार्टर की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई.
पोस्टमार्टम भवन के सामने बनेगा प्रतीक्षालय
पोस्टमार्टम भवन के सामने प्रतीक्षालय बनाने के प्रस्ताव पर भी बैठक में चर्चा की गयी. इसका उद्देश्य वहां आने वाले लोगों के लिए इंतजार के दौरान बैठने और ठहरने की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है.
कैंसर डे-केयर और एमसीएच भवन में भी सुधार
बैठक में कैंसर डे-केयर के लिए आवंटित कमरे के उन्नयन का प्रस्ताव रखा गया. इसके साथ अस्पताल परिसर के सौंदर्यीकरण, पीसीए प्लांट की शिफ्टिंग, एमसीएच भवन में बायोमेट्रिक उपस्थिति मशीन लगाने और ब्लड सेपरेशन यूनिट से जुड़े आवश्यक कार्यों पर भी विचार-विमर्श किया गया.
डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को प्रस्तावित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत कराने और उनका क्रियान्वयन जल्द शुरू करने का निर्देश दिया.
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