सारण में भजन संध्या के साथ सिद्धिविनायक गणेश मंदिर का 17वां वार्षिकोत्सव संपन्न, देर रात तक झूमे श्रद्धालु
वार्षिकोत्सव के समापन पर शनिवार की रात कलाकारों को सम्मानित करते अतिथि
सारण के सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में 17वां वार्षिक गणेशोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। छह दिवसीय आयोजन में भक्तों ने भजन संध्या, मैराथन दौड़ और भंडारे का आनंद लिया।
Saran News : फतेहपुरचैन के मठिया स्थित चर्चित सिद्धिविनायक गणेश मंदिर का छह दिवसीय 17वां वार्षिकोत्सव सह गणेशोत्सव शनिवार की देर रात भजन संध्या के साथ संपन्न हो गया. शाम से शुरू हुआ भक्ति संगीत का कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्ति गीतों में डूबे रहे और कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया.
14 सितंबर से शुरू हुआ था गणेशोत्सव
सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में वार्षिकोत्सव सह गणेशोत्सव का शुभारंभ 14 सितंबर को हुआ था. छह दिनों तक चले आयोजन में दरियापुर के अलावा दिघवारा, गड़खा, परसा, छपरा, सोनपुर, अमनौर समेत आसपास के विभिन्न प्रखंडों से श्रद्धालु पहुंचे. श्रद्धालुओं ने मंदिर में स्थापित भगवान गणेश के विग्रह का दर्शन कर पूजा-अर्चना की.
शाम की आरती के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ जुटती रही. पूरे छह दिनों तक मंदिर परिसर के आसपास मेला, झूला, मीना बाजार और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया.
मैराथन दौड़ में खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
गणेशोत्सव के दौरान मैराथन दौड़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया. इसमें विभिन्न स्थानों से खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया. प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ियों को मंदिर के संरक्षक डॉ. कुअंर सिंह ने पुरस्कृत किया.
भक्ति गीतों पर झूमे श्रद्धालु
शनिवार की रात आयोजित भजन संध्या में स्थानीय और बाहर से आये कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी. गायक गुड्डू कुमार, निशा कुमारी, आकांक्षा दूबे, उत्कर्ष, छोटी कुमारी, रिंकी कुमारी, मनोज दास और राजेश कुमार समेत अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय बना दिया.
कलाकारों की प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे. आयोजन समिति की ओर से मुखिया किशोर सिंह और मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव ब्रजकिशोर प्रसाद सिन्हा ने कलाकारों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया.
21-21 किलो के दो लड्डुओं का लगा भोग
गणेशोत्सव के दौरान हर वर्ष की परंपरा के अनुसार भगवान गणेश को 21-21 किलो के दो लड्डुओं का भोग लगाया गया. पूजा-अर्चना, हवन और पूर्णाहुति के बाद भगवान गणेश की विग्रह रूपी प्रतिमा का जलावतरण किया गया.
भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
वार्षिकोत्सव के समापन पर भंडारे का भी आयोजन किया गया. इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया. आयोजन समिति की ओर से पूरे छह दिनों तक श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये.
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