सारण में ऑल इंडिया नर्सरी टीचर ट्रेनिंग की तीन दिवसीय लिखित परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न, 240 अभ्यर्थी हुए शामिल

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परीक्षा देते परीक्षार्थी | Prabhat Khabar Network

नई शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप, ऑल इंडिया नर्सरी टीचर ट्रेनिंग की तीन दिवसीय लिखित परीक्षा छपरा में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई. इस परीक्षा का उद्देश्य प्रारंभिक एवं प्री-प्राइमरी शिक्षा को सुदृढ़ बनाना है.

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सारण: भारत सरकार की नई शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप प्रारंभिक एवं प्री-प्राइमरी शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से संचालित ऑल इंडिया नर्सरी टीचर ट्रेनिंग की तीन दिवसीय लिखित परीक्षा धर्मनाथ राय इंटर कॉलेज, केतुका नंदन, मकेर स्थित परीक्षा केंद्र पर शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुई.

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परीक्षा के सफल संचालन को लेकर केंद्र पर व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई थीं. जिससे अभ्यर्थियों ने पूरी गंभीरता और निष्पक्ष माहौल में परीक्षा दी. सारण इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सरी टीचर ट्रेनिंग, मकेर द्वारा संचालित इस परीक्षा में दोनों सत्रों के लगभग 240 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.

परीक्षा का संचालन भारत सरकार के एचआरडी मंत्रालय द्वारा प्रतिनियुक्त एरिया कोऑर्डिनेटर मुकेश कुमार के नेतृत्व एवं निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया.

ज्ञात हो कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत बाल वाटिका शिक्षा को विशेष महत्व दिया गया है. इसी उद्देश्य से एक वर्षीय नर्सरी टीचर ट्रेनिंग कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षित एवं दक्ष शिक्षकों का निर्माण हो सके और छोटे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, गतिविधि आधारित तथा बाल-केंद्रित शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके.

देश के कई राज्यों में इस प्रशिक्षण को प्राप्त अभ्यर्थियों की बाल वाटिका शिक्षक के रूप में नियुक्ति भी की जा चुकी है. हालांकि बिहार में नई शिक्षा नीति एक अप्रैल 2022 से लागू होने के बावजूद अब तक इस श्रेणी में नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है. जिससे प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद है.

सारण इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सरी टीचर ट्रेनिंग के प्राचार्य फिरोज आलम ने बताया कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी वातावरण में संपन्न हुई. उन्होंने कहा कि परीक्षा के सफल संचालन में संस्थान के प्रबंधन से जुड़े मोहम्मद आसिफ जावेद एवं मोहम्मद अयूब सहित समस्त शिक्षकों एवं कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई.

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए प्रशिक्षित नर्सरी शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है. ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.

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