अतिक्रमण से अस्तित्व खो रहा हैवतपुर का पोखर

Updated at : 30 May 2017 3:56 AM (IST)
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अतिक्रमण से अस्तित्व खो रहा हैवतपुर का पोखर

नाली का गंदा पानी गिरने के कारण पोखर हो रहा प्रदूषित अरवल ग्रामीण : जिले क्षेत्र के हैवतपुर गांव स्थित चर्चित पोखर वर्तमान समय में अतिक्रमण की चपेट में आने से अपना अस्तित्व खोता जा रहा है. अंगरेजों के जमाने में उक्त पोखर का ग्रामीणों के अलावा अगल-बगल गांव के भी लोग लाभ उठाते थे. […]

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नाली का गंदा पानी गिरने के कारण पोखर हो रहा प्रदूषित

अरवल ग्रामीण : जिले क्षेत्र के हैवतपुर गांव स्थित चर्चित पोखर वर्तमान समय में अतिक्रमण की चपेट में आने से अपना अस्तित्व खोता जा रहा है. अंगरेजों के जमाने में उक्त पोखर का ग्रामीणों के अलावा अगल-बगल गांव के भी लोग लाभ उठाते थे. लेकिन जैसे-जैसे समय बदलता गया उक्त पोखर की अहमियत लोग भूलते गये और अपना कब्जा जमाने लगे.
ग्रामीणों का कहना है कि अंगरेजी हुकूमत के समय सार्वजनिक जमीन के लगभग आठ एकड़ से अधिक के भू भाग में पोखर का निर्माण कराया गया था. लेकिन समय बीतने के साथ ही प्रशासनिक व आमजनों का ध्यान भी इस ओर से हटता गया. इसके कारण पोखर का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर है.
वर्तमान समय में सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए गांव-गांव में आहर-पोखर की उड़ाही व निर्माण कराया जा रहा है. जबकि पूर्व से निर्मित पोखर को अतिक्रमण से मुक्त करने व रख-रखाव के लिए न तो स्थानीय प्रशासन और न जन प्रतिनिधि ही आगे आ रहे हैं. नाली का गंदा पानी गिरने के कारण पोखर प्रदूषित हो रहा है.
क्या कहते हैं ग्रामीण
पोखर में नाला का पानी गिरने से कई प्रकार की बीमारियां फैलने का आशंका बनी रहती है.
महेंद्र
वर्षों पूर्व पोखर में शुद्ध पानी उपलब्ध रहता था. जहां ग्रामीण अपने जानवरों को पानी पिलाने और नहाने-धोने का भी कार्य किया करते थे.
सुरेश सिंह
पोखर के जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय जन प्रतिनिधियों एवं स्थानीय प्रशासन को आगे आना चाहिए.
लालदेव राम
पोखर के जीर्णोद्धार के लिए मैं प्रयासरत हूं. इसमें ग्रामीणों का भी भरपूर सहयोग मिलना चाहिए, तब ही पूर्व की भांति पुन: पोखर गुलजार हो जायेगा.
सविता कुमारी, मुखिया
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