चोरी का माल खरीदा तो जेल

Published at :03 Jul 2016 6:07 AM (IST)
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चोरी का माल खरीदा तो जेल

शिकंजा. अपराधियों को किरायेदार रखने वाले भी बख्शे नहीं जायेंगे पुलिस ने कसा शिकंजा छपरा (सारण) :चोरी तथा लूट के आभूषण खरीदने वाले स्वर्ण आभूषण व्यवसायियों की अब खैर नहीं होगी. पुलिस की नजर अपराधियों से ज्यादा उन लोगों पर है जो चोरी व लूट का सामान खरीदकर खपा रहे हैं. अपराधियों से स्वर्ण आभूषण […]

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शिकंजा. अपराधियों को किरायेदार रखने वाले भी बख्शे नहीं जायेंगे

पुलिस ने कसा शिकंजा
छपरा (सारण) :चोरी तथा लूट के आभूषण खरीदने वाले स्वर्ण आभूषण व्यवसायियों की अब खैर नहीं होगी. पुलिस की नजर अपराधियों से ज्यादा उन लोगों पर है जो चोरी व लूट का सामान खरीदकर खपा रहे हैं. अपराधियों से स्वर्ण आभूषण खरीदकर गलाने वाले स्वर्ण आभूषण व्यवसायियों पर विशेष नजर है. प्रत्येक थाना क्षेत्र के ऐसे स्वर्ण व्यवसायियों की सूची बनायी गयी है. इसके अलावा चोरी के दोपहिया-चारपहिया वाहनों को कबाड़ी दुकान के माध्यम से बेचने वाले व्यवसायी भी पुलिस की रडार पर हैं. अपराधियों के पकड़े जाने पर सबसे पहले वैसे लोगों को पुलिस पकड़ रही है जिनके हाथों में अपराधियों द्वारा चोरी व लूट का सामान बेचा जाता है.
क्या है स्थिति
गुरुवार को मांझी थाने की पुलिस ने अटैची खोलकर आभूषण व कीमती सामान चुराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. इस गिरोह के एक अपराधी को पकड़ा गया जबकि दो भाग गये. पकड़े गये अपराधी की निशानदेही पर एकमा बाजार से स्वर्ण आभूषण व्यवसायी को भी चोरी के माल के साथ पकड़ा गया. पकड़े गये चोर ने तीन दिन पहले स्वर्ण आभूषण व्यवसायी के हाथों चोरी का आभूषण बेचा था. अपराधी के पास से अटैची खोलने वाली मास्टर चाबी के अलावा आठ अटैची की चाबी व चुराया गया आभूषण भी बरामद हुआ. चोरी तथा लूट की दो बाइक भी मिली है.
क्या है मामला
जिले में सक्रिय अपराधियों के द्वारा चोरी व लूट के सामान को घटना के तुरंत बाद खपाया जाता है. चोरी व लूट का सामान खरीदने वाला अलग गिरोह सक्रिय है. इसमें सबसे अधिक चोरी व लूट के आभूषण खरीदने वाला गिरोह सक्रिय है. आभूषण खरीदने के तुरंत बाद उसे गला दिया जाता है जिससे उसकी पहचान मिट जाती है और पुलिस द्वारा पकड़े जाने का खतरा कम रहता है. जिले में चोरी की बाइक खपाने वाला गिरोह भी सक्रिय है. इस जिले से चोरी होने वाले वाहनों को दूसरे जिले में भेजना और दूसरे जिलों से चुराये गये वाहनों को इस जिले में लाकर बेचने का खेल चल रहा है.
क्या है निर्देश
चोरी व लूट की वारदात में संलिप्त अपराधियों के पकड़े जाने पर वैसे लोगों की पहचान करें जो चोरी व लूट का सामान खरीदकर खपाते हैं.
खासकर आभूषण खरीदने वालों पर विशेष नजर रखें.
चोरी की बाइक खरीदने वालों की भी जांच करें.
कबाड़ी का व्यवसाय करने वालों पर विशेष नजर रखें.
क्या कहते हैं एसपी
चोरी का सामान खरीदने वालों को नहीं बख्शा जायेगा. उन पर कड़ी नजर रखी जा रही है और सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. आवश्यक कार्ययोजना बनायी गयी है. साथ ही अपराधियों को पनाह देने वाले मकान मालिकों की भी जांच की जा रही है.
पंकज कुमार राज, पुलिस अधीक्षक, सारण
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