तीन लाख घरों में डीडीटी का छिड़काव पूरा

Published at :19 Oct 2015 6:25 PM (IST)
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तीन लाख घरों में डीडीटी का छिड़काव पूरा

तीन लाख घरों में डीडीटी का छिड़काव पूरानिर्धारित लक्ष्य से ज्यादा गांवों में हुआ छिड़काव का कार्यकई बार जूझना पड़ा मलेरिया विभाग कोजांच में जिले में पाये गये कालाजार के 505 मरीजसंवाददाता, छपरा (सारण)जिले के 726 गांवों के साढ़े तीन लाख घरों में डीडीटी छिड़काव का कार्य मलेरिया विभाग ने पूरा करा लिया है. छिड़काव […]

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तीन लाख घरों में डीडीटी का छिड़काव पूरानिर्धारित लक्ष्य से ज्यादा गांवों में हुआ छिड़काव का कार्यकई बार जूझना पड़ा मलेरिया विभाग कोजांच में जिले में पाये गये कालाजार के 505 मरीजसंवाददाता, छपरा (सारण)जिले के 726 गांवों के साढ़े तीन लाख घरों में डीडीटी छिड़काव का कार्य मलेरिया विभाग ने पूरा करा लिया है. छिड़काव कार्य कराने में स्वास्थ्य विभाग को कई बार हड़ताल से भी जूझना पड़ा. डीडीटी छिड़काव कर्मियों की हड़ताल के कारण करीब 30 दिनों तक कार्य बाधित रहा, लेकिन डीएम दीपक आनंद के हस्तक्षेप से हड़ताल समाप्त हुई. 60 दिनों तक चले छिड़काव के दौरान 660 गांवों को कवर करने का लक्ष्य था, जिसके विरूद्ध 726 गांवों में छिड़काव कराया गया. निर्धारित लक्ष्य से अधिक 66 गांवों में छिड़काव हुआ है. छिड़काव के साथ चला खोज अभियानडीडीटी के छिड़काव अभियान के दौरान कालाजार मरीजों के खोज के लिए भी अभियान चलाया गया. 66 गांवों में कालाजार के मरीज इस बार मिले. उन गांवों में भी डीडीटी का छिड़काव उसी समय कराया गया. अभियान के दौरान मिले कालाजार के मरीजों की जांच करा कर उपचार के लिए अस्पताल में भरती भी कराया गया. सिंगल डोज से हो रहा उपचारसदर अस्पताल में कालाजार के मरीजों का उपचार अब सिंगल डोज से हो रहा है. कालाजार के मरीजों को कई दिनों तक अस्पताल में रहने की झंझट से मुक्ति मिल गयी है. मरीजों की जांच के उपरांत कालाजार होने का लक्षण पाये जाने पर मरीजों को कम-से-कम 24 घंटे या अधिकतम 48 घंटे तक भरती रखा जाता है और इस दौरान कालाजार का सिंगल डोज इंजेक्शन दिया जाता है. पहले एक सप्ताह तक मरीजों को भरती रहना पड़ता था. सात दिनों तक भरती रहनेवाले मरीजों पर राशि भी अधिक खर्च होती थी. इस दौरान बीच-बीच में कोई मरीज दवा भी बंद कर देता था और वह इलाज पूर्ण कराये बिना घर चला जाता था. इस वजह से लंबे समय तक बीमारी बनी रहती थी. अब सिंगल डोज इंजेक्शन से उपचार आसान हुआ है. खास बातें60 दिनों तक जिले में चला डीडीटी का छिड़काव निर्धारित लक्ष्य 660 गांव से 66 अधिक गांवों में कराया छिड़काव हड़ताल के कारण छिड़काव कार्य 20 दिनों तक रहा बाधितछिड़काव के बाद क्या करें-तीन माह तक डीडीटी का रहता है प्रभाव-छिड़काववाले मकान की तीन माह तक लिपाई-पुताई न करें -घरों की दीवारों पर तीन माह तक नहीं हो सकेगा बालू मक्खी का प्रजनन-बालू मक्खी के कारण फैलता है कालाजार-कालाजार की बीमारी लाइलाज नहीं है-सरकारी अस्पतालों में हैं नि:शुल्क जांच व उपचार की सुविधा क्या कहते हैं अधिकारीकालाजार की रोकथाम के लिए डीडीटी के छिड़काव का कार्य पूर्ण करा लिया गया है. 726 गांवों के साढ़े तीन लाख घरों में छिड़काव किया गया है और 505 मरीज अब तक मिले हैं. डॉ बीके श्रीवास्तवजिला मलेरिया पदाधिकारी, सारण

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