बाढ़पीड़ितों को अब भी राहत का इंतजार

Published at :07 Aug 2013 1:54 AM (IST)
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बाढ़पीड़ितों को अब भी राहत का इंतजार

दिघवारा : रामपुर आमी पंचायत की कर्मवारीपट्टी दलित बस्ती में बाढ़ का पानी घुसे एक सप्ताह हो गया है. गंगा के बढ़ रहे जल स्तर से दलित परिवार अपने घरों को छोड़ कर सड़क व अन्य जगहों पर अपना ठिकाना बना रहे हैं. मगर, बाढ़ से विस्थापित हुए परिवारों की सुधि लेने अब तक प्रशासन […]

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दिघवारा : रामपुर आमी पंचायत की कर्मवारीपट्टी दलित बस्ती में बाढ़ का पानी घुसे एक सप्ताह हो गया है. गंगा के बढ़ रहे जल स्तर से दलित परिवार अपने घरों को छोड़ कर सड़क अन्य जगहों पर अपना ठिकाना बना रहे हैं. मगर, बाढ़ से विस्थापित हुए परिवारों की सुधि लेने अब तक प्रशासन की तरफ से कोई नहीं आया है.

वहीं, बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच अब तक प्रशासन द्वारा राहत सामग्री वितरित नहीं होने के कारण आक्रोश व्याप्त है. दलित परिवारों के कई सदस्यों ने बताया कि गंगा में जल स्तर से उनलोगों को विस्थापित हुए सप्ताह गुजर गये, मगर दर्द के इस समय में सांत्वना के शब्द को लेकर भी जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों प्रशासनिक अधिकारियों को आने की फुरसत नहीं है.

मथुरापुर में भी कई घरों में पानी घुस गया है एवं दर्जनों परिवार बाढ़ के पानी में चारों ओर घिर गये हैं. वहीं, संपर्क सड़क के भी जलमगA हो जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष सह रामपुर आमी पंचायत के मुखिया राकेश कुमार सिंह ने अपनी पंचायत के बाढ़पीड़ित परिवारों के बीच बाढ़ राहत सामग्री के अविलंब वितरण की मांग की है.

* कई क्षेत्रों में बढ़ा है पानी का दबाव

गंगा में जल स्तर में तेजी से हो रही वृद्धि के कारण नगर पंचायत अधीन दर्जनों जगहों पर पानी का दबाव बना हुआ है. शंकरपुर रोड एवं राईपट्टी के सामने गंगा के पानी का दबाव कायम है. बसतपुर गांव के समीप गंगा के उफान का क्रम जारी है. लगातार बढ़ रहे जल स्तर से गंगा किनारे अवस्थित लोगों की परेशानी बढ़ी है. वहीं, मझौवा, बरबन्ना में पिछले दो दिनों से गंगा के पानी का गिरना निरंतर जारी है. कई जगहों पर गंगा का पानी वार्ड में प्रवेश कर चुका है.

– बाढ़ से 35 हजार की आबादी पीड़ित

छपरा (सदर) : गंगा, सरयू के जल स्तर में हुई अचानक वृद्धि से कुल 35 हजार के आबादी कुप्रभावित है. इसमें रिविलगंज, गड़खा छपरा सदर की आठ पंचायतों के 35 गांव शामिल हैं. डीएम अभिजीत सिन्हा के अनुसार, एक ओर जहां बाढ़ग्रस्त गांवों में 40 नावें चलाने की व्यवस्था जिला प्रशासन ने की है.

वहीं, बाढ़पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए एनडीआरए के जवान भी प्रशासन के निर्देशानुसार निगरानी कर रहे हैं. डीएम श्री सिन्हा ने कहा कि बाढ़पीड़ितों के लिए राहत सामग्री पहुंचाने तथा शुद्ध पेयजल के लिए टैबलेट भी स्थानीय प्रशासन को उपलब्ध कराया गया है, जिससे बाढ़पीड़ितों को परेशानी नहीं हो.

उन्होंने कहा कि वैसे व्यक्ति, जो बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित हैं, उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए नाव आदि की सुविधा स्थानीय प्रशासन द्वारा उपलब्ध करायी जा रही है. वहीं, जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न प्रखंडों के स्थानीय पदाधिकारियों को पूरे जिले में बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने का जहां निर्देश दिया गया है, वही, बाढ़ की स्थिति बचाव के उपायों से संबंधित सूचनाएं भी राज्य मुख्यालय को भेजी जा रही हैं.

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