सड़क पर पार्किंग से लगता है जाम

By Prabhat Khabar Digital Desk
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मनमानी. बगैर पार्किंग के रेस्टोरेंट व शॉपिंग मॉल का हो रहा निर्माण

मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स के सामने बेतरतीब खड़े किये जाते हैं वाहन
लोगों को झेलनी पड़ रही है जाम की समस्या
छपरा : बीते दो वर्षों में छपरा शहर का तेजी से आधुनिकीकरण हुआ है. महानगरों की तर्ज पर यहां दर्जनों शॉपिंग मॉल तथा रेस्टोरेंट खोले गये हैं. बीच शहर में ही नहीं, बल्कि गांव-देहात की सीमाओं तक सटे शहरी क्षेत्र में भी बड़ी-बड़ी इमारतों में मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स बनाये गये हैं. हालांकि जिस गति में शहर में मॉल व रेस्टोरेंट कल्चर हावी हुआ है, उस गति में शहर में विकास की रफ्तार काफी धीमी है. छपरा शहर आम तौर पर व्यस्त शहरों में शामिल है.
तीन जिलों का मुख्यालय होने के कारण लगभग सभी प्रमुख प्रशासनिक गतिविधियां यहीं से हैंडल की जाती है. इसके साथ ही चार जोन में बंटी छपरा कचहरी यहां आनेवाले लोगों की संख्या बल का प्रमुख कारण है. ऐसे में शहर की एक ऐसी आम समस्या जिससे आये दिन परेशानी खड़ी होती है, वह है यहां लगने वाला सड़क जाम. यह एक ऐसी समस्या है, जिससे आम से लेकर खास हर कोई त्रस्त है. इमरजेंसी के मरीजों को भी आये दिन शहर के महाजाम में फंसना पड़ता है.
जाम का प्रमुख कारण ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम का सुस्त रवैया तो है ही, साथ ही बिना किसी पूर्व योजना के शहरी क्षेत्र में बन रहे शॉपिंग मॉल तथा रेस्टोरेंट भी इस जटिल समस्या की मुख्य वजह है. मंगलवार को हमने शहर के प्रमुख स्पॉट जहां प्रायः जाम की समस्या बनी रहती है, उसका सर्वे किया, तो कई प्रमुख तथ्य सामने आये, जो सड़क जाम के मुख्य कारण हैं.
मूक दर्शक बनी रहती है ट्रैफिक पुलिस : शहर के जिन भी इलाकों में मॉल या बड़े-बड़े कॉम्प्लेक्स बने हैं, उन जगहों पर जाम की समस्या आम है. दोपहर के करीब एक बजे हम शहर के सलेमपुर-मौना चौक पथ पर पहुंचे. यह शहर का व्यस्ततम व्यावसायिक केंद्र है. इस पथ पर एक बड़ा शॉपिंग मॉल, सात अति व्यस्ततम मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स तथा दो रेस्टोरेंट है. तकरीबन पांच सौ छोटे वाहन इस सड़क के दोनों तरफ आये दिन खड़े रहते हैं. हालांकि यहां ट्रैफिक कंट्रोल के लिए सात पुलिसकर्मी लगाये गये हैं,
जो सलेमपुर से मौना चौक तक ट्रैफिक की कमान संभालते हैं. इन ट्रैफिक कर्मियों का ध्यान सिर्फ हेलमेट की चेकिंग तक ही केंद्रित रहता है. ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर इनका रवैया काफी उदासीन है. चौक पर घंटों जाम लगा रहे, पर ये ट्रैफिक कर्मी वहां आकर जाम छुड़ाने की कोशिश भी नहीं करते. वहीं, अगर एक भी बाइकचालक बिना हेलमेट पहने इस एरिया से गुजर गया, तो एक नहीं बल्कि चार-चार ट्रैफिक कर्मी फाइन करने के लिए तत्पर दिखायी देते हैं.
मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स में नहीं है पार्किंग
मुख्य बाजारों में लगभग एक दर्जन शॉपिंग मॉल तथा रेस्टोरेंट हैं. वहीं, इतनी ही संख्या में बड़े-बड़े मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स बनाये गये हैं. मंगलवार को दिन के तकरीबन 11 बजे हम पहुंचे नगरपालिका चौक. इस चौक के आसपास चार रेस्टोरेंट, दो शॉपिंग मॉल तथा लगभग आठ मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स हैं. इन सभी के पास पार्किंग जोन नहीं हैं. इस कारण लोग अपने छोटे-बड़े वाहन सड़क किनारे ही खड़ा कर देते हैं.
कुछ लोग तो एक लेन में अपने वाहन खड़े कर देते हैं,
जिससे ट्रैफिक सुचारु चलता रहता है. हालांकि अधिकतर लोग ऐसे हैं, जो बेतरतीब ढंग से वाहन पार्क कर देते हैं. इस वजह से अमूमन यह चौक जाम की संकट से जूझता रहता है. कई बार तो यहां स्थिति ऐसी हो जाती है कि राहगीरों को रास्ता बदल कर अपने गंतव्य तक जाना पड़ता है.
सरकारी पार्किंग जोन में नहीं जाती जनता
शहर में कुछ जगहों को पार्किंग जोन के रूप में विकसित किया गया है, पर लोगों में इस पार्किंग जोन तक जाकर वाहन पार्क करने के प्रति उदासीनता देखी गयी. मंगलवार को शाम के करीब तीन बजे हमने शहर के नगरपालिका चौक और सलेमपुर में बने पार्किंग जोन का जायजा लिया. सलेमपुर के पार्किंग जोन में लगभग एक दर्जन बाइकें खड़ी थीं. वहीं, इससे कहीं ज्यादा वाहन पार्किंग जोन के बजाय सड़कों पर खड़ा था.
सबसे खराब स्थिति में नगरपालिका चौक के पास बना पार्किंग जोन है. इस जोन में एक भी वाहन खड़ा नहीं मिला. हालांकि इसका क्षेत्रफल काफी बड़ा है और एक साथ लगभग 100 छोटे-बड़े वाहन यहां खड़े किये जा सकते हैं. अगर प्रशासन थोड़ी सी सक्रियता दिखाये, तो सड़कों पर पार्क होने वाले वाहनों को इन पार्किंग जोन तक लाया जा सकता है.
क्या कहते हैं अधिकारी
शॉपिंग मॉल के संचालकों को हिदायत दी गयी है कि उनके प्रतिष्ठान के सामने लगने वाले वाहनों की पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करें. कुछ जगहों पर पार्किंग जोन बनाये गये हैं.
चेतनारायण राय, सदर एसडीओ सह मुख्य प्रशासक, नगर निगम
मॉल व रेस्टोरेंट के आगे बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों को चिह्नित कर चालकों से जुर्माना वसूला जायेगा. आम लोगों को भी जाम की समस्या से निबटने के लिए जागरूक होना पड़ेगा.
नीलमणी रंजन, ट्रैफिक इंचार्ज
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