1 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय घपले में पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक जगन्नाथ महतो निलंबित, जांच शुरू
जांच शुरू (ai photo)
वैशाली के स्कूल में 1 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय घपले के आरोप में पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक जगन्नाथ महतो को शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित किया।
Education Department Action: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है. माध्यमिक शिक्षा कार्यालय द्वारा जारी आदेश के तहत वैशाली जिले के आर्शों कुवँर उच्च माध्यमिक विद्यालय, भरथीपुर, पातेपुर के तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक और वर्तमान में समस्तीपुर के विदेही परियोजना बालिका उच्च विद्यालय में कार्यरत सहायक शिक्षक जगन्नाथ महतो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर. के हस्ताक्षर से निर्गत आदेश के अनुसार, महतो पर विद्यालय के विभिन्न खातों से एक करोड़ रुपये से अधिक की नकद राशि अवैध रूप से निकालने का गंभीर आरोप साबित हुआ है.
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School Fund Corruption: अनियमितताओं की लंबी फेहरिस्त और नियमों की अनदेखी
जिला शिक्षा पदाधिकारी वैशाली की रिपोर्ट के आधार पर गठित आरोप पत्र में यह बात सामने आई कि उन्होंने छात्र कोष और विकास कोष के चार अलग-अलग खातों के कैशबुक का रखरखाव सरकारी नियमों के मुताबिक नहीं किया. कैशबुक में लेन-देन का विवरण सही ढंग से दर्ज नहीं था और वाउचर क्रमानुसार नहीं रखे गए थे. जिस सामग्री या सेवा के लिए भुगतान दिखाया गया, उनके विक्रेताओं के पास वैध जीएसटी नंबर नहीं था और न ही बिलों से नियमानुसार आयकर की कटौती की गई थी. बिना तीन सदस्यीय खरीद समिति का गठन किए और न्यूनतम तीन फर्मों का कोटेशन प्राप्त किए बिना ही मनमाने तरीके से लाखों रुपये की सामग्री खरीदी गई.
बचाव के तर्क खारिज, विभागीय जांच शुरू
विभाग द्वारा स्पष्टीकरण मांगे जाने पर जगन्नाथ महतो ने अपना लिखित बचाव प्रस्तुत किया था. हालांकि, विभाग ने पाया कि वे मजदूरों की उपस्थिति पंजी, भुगतान रजिस्टर, बैंक निकासी विवरण और खरीद प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने में पूरी तरह विफल रहे. उनके द्वारा दिए गए तर्क निराधार पाए गए और विभागीय समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि इतनी बड़ी राशि का नकद लेन-देन गंभीर वित्तीय गड़बड़ी की श्रेणी में आता है.
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उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी समस्तीपुर का कार्यालय तय किया गया है, जहां उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा. मामले की विस्तृत जांच के लिए तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक को जांच पदाधिकारी तथा वैशाली के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण अधिकारी नियुक्त किया गया है.
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