कृषि वैज्ञानिकों की किसानों को सलाह, इस तरह करें अपनी फसलों की सही देखभाल
कृषि वैज्ञानिकों की किसानों को सलाह, इस तरह करें अपनी फसलों की सही देखभाल
अगस्त और सितंबर में धान, मक्का और अरहर जैसी फसलों की सुरक्षा और बेहतर पैदावार के लिए कृषि वैज्ञानिकों द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों को यहाँ विस्तार से जानें।
Agriculture News: किसानों के लिए अगस्त के अंतिम सप्ताह से सितंबर का समय फसलों की सुरक्षा और नई बोआई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. कृषि वैज्ञानिकों ने धान, मक्का, अरहर, परवल और मिश्रीकंद की फसलों के लिए सामयिक सुझाव और कीट-रोग प्रबंधन के निर्देश जारी किए हैं. किसान धान की फसल की निगरानी और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें.
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crop management: धान फसल में कीट और रोग प्रबंधन
तना छेदक, पत्ती लपेटक और भूरा फुदका की लगातार निगरानी करें. तना छेदक व पत्ती लपेटक कीट का लक्षण दिखने पर क्लोरेट्रानिलिप्रोल 4% जी की 20-25 किग्रा मात्रा प्रति हेक्टेयर दोपहर बाद पूरे खेत में छिड़कें. भूरा फुदका का प्रकोप अधिक होने पर इमिडाक्लोप्रिड 17.8% एसएल दवा की 1 मिली प्रति 3 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें. देर से बोई गई धान में खैरा रोग का लक्षण दिखते ही 5 किग्रा जिंक सल्फेट व 25 किग्रा चूना को 500 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें.
मक्का और अरहर की बोआई व सुरक्षा
मक्का में तना छेदक कीट का प्रकोप होने पर प्रभावित पौधों के गाभा में कार्बोफ्यूरान 3% जी दवा 7 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से डालें. फॉल आर्मीवर्म का प्रकोप होने पर पहला छिड़काव इमामेक्टिन बेंजोएट 0.5-0.6 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी में मिलाकर करें. किसान अरहर की बोआई 25 अगस्त से 15 सितंबर तक करें. इसकी बोआई ऊंचे मैदान या धान की रोपाई से खाली छूटे खेत में करें. अनुसंशित उन्नत किस्में शरद, पूसा-9 और राजेंद्र अरहर-1 हैं. बीज दर 45-50 किग्रा प्रति हेक्टेयर रखें.
परवल और मिश्रीकंद की खेती
किसान परवल की रोपाई करें. अनुसंशित किस्में राजेंद्र परवल 1, 2, 3 और स्वर्ण रेखा हैं. पौधों के बीच 150 गुणा 100 सेमी की दूरी रखें. खेत की तैयारी में 20-25 टन सड़ी गोबर खाद मिलाएं. मिश्रीकंद के लिए उन्नत किस्में राजेंद्र मिश्रीकंद-1 व 2 हैं. अगस्त में बुआई के लिए 30-40 किग्रा बीज प्रति हेक्टेयर रखें और दूरी 30 गुणा 15 सेमी रखें. सितंबर में बुआई के लिए 50-56 किग्रा बीज प्रति हेक्टेयर रखें.
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