समस्तीपुर कृषि विश्वविद्यालय: किसानों के लिए गाइडलाइन, कीट नियंत्रण के लिए किन दवाओं का करें प्रयोग

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किसानों के लिए गाइडलाइन, कीट नियंत्रण के लिए किन दवाओं का करें प्रयोग और कैसे करें खरपतवार प्रबंधन

वर्तमान मौसम में तना छेदक और फॉल आर्मीवर्म कीटों से फसलों को बचाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने जरूरी उपाय और कीटनाशकों के प्रयोग की सलाह दी है।

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Crop Management, Pest Control: समस्तीपुर में स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए फसलों के प्रबंधन, कीट नियंत्रण और पशु सुरक्षा से जुड़े समसामयिक दिशानिर्देश जारी किए हैं. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि वर्तमान मौसम में तना छेदक (Stem Borer) और फॉल आर्मीवर्म (Fall Armyworm) कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है. किसानों को इन कीटों से फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.

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Litchi Stink Bug: कीट नियंत्रण और फसल सुरक्षा

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि वर्तमान मौसम में तना छेदक और फॉल आर्मीवर्म जैसे हानिकारक कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है। इसके लिए निम्नलिखित उपाय सुझाए गए हैं:

Crop Management, Pest Control: फॉल आर्मीवर्म नियंत्रण:

  • सामान्य प्रबंधन: खेतों में खरपतवार नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है.
  • तना छेदक और पत्ती लपेटक: इनकी नियमित निगरानी करें. प्रकोप होने पर दोपहर के बाद क्लोरेट्रानिलिप्रोल 4 जी दानेदार (20–25 किग्रा/हेक्टेयर) का प्रयोग करें.

परवल की खेती के लिए दिशानिर्देश

वैज्ञानिकों के अनुसार, यह समय परवल की बोआई के लिए अत्यंत उपयुक्त है:

  • अनुसंशित किस्में: उत्तर बिहार के लिए राजेन्द्र परवल-1, राजेन्द्र परवल-2, राजेन्द्र परवल-3, स्वर्ण रेखा, स्वर्ण अलौकिक एवं स्वर्ण सुरभि सबसे उपयुक्त किस्में हैं.
  • रोपाई की दूरी: पौधों के बीच 150 गुणा 100 सेमी की दूरी रखें.
  • खाद एवं उर्वरक: खेत तैयार करते समय 20–25 टन सड़ी गोबर खाद के साथ 60 किग्रा नाइट्रोजन, 50 किग्रा फास्फोरस और 40 किग्रा पोटाश प्रति हेक्टेयर की दर से दें.

कीट नियंत्रण:

फलदार और सब्जी फसलों का प्रबंधन

  • लीची: लीची स्टिंक बग से बचाव के लिए पेड़ के निचले तने पर चिपचिपे गोंद वाला 'ट्रंक बैरियर' (बैंड) लगाएं, जिससे निम्फ (कीट के बच्चे) पेड़ पर न चढ़ सकें। जमीन पर गिरे वयस्क कीटों को एकत्र कर नष्ट कर दें.
  • कद्दूवर्गीय फसलें: फल मक्खी के नियंत्रण हेतु मिथाइल यूजेनॉल ट्रैप लगाएं. प्रकोप दिखने पर साफ मौसम में इमिडाक्लोप्रिड 30.5-एससी (0.25 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी) का छिड़काव करें.
  • पौधारोपण: आम, लीची, कटहल, अमरूद, जामुन, सीताफल, नींबू जैसे फल वाले पौधों का पौधारोपण मिट्टी की नमी का लाभ उठाकर इस समय किया जा सकता है.

कद्दूवर्गीय फसलें और पौधारोपण

लीची स्टिंक बग से बचाव के लिए पेड़ के निचले तने पर चिपचिपे गोंद वाला 'ट्रंक बैरियर' (बैंड) लगाएं, जिससे निम्फ पेड़ पर न चढ़ सकें. जमीन पर गिरे वयस्क कीटों को एकत्र कर नष्ट करें. कद्दूवर्गीय फसलें की देखरेख करें. फल मक्खी के नियंत्रण हेतु मिथाइल यूजेनॉल ट्रैप लगाएं. प्रकोप दिखने पर साफ मौसम में इमिडाक्लोप्रिड 30.5-एससी (0.25 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी) का छिड़काव करें. आम, लीची, कटहल, अमरूद, जामुन, सीताफल, नींबू जैसे फल वाले पौधे का मिट्टी की नमी का लाभ उठाकर पौधारोपण करें.


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