समस्तीपुर: गंगा का जलस्तर घटने से लोगों में राहत, फिर भी बांध पर तंबुओं में कट रही जिंदगी

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सामुदायिक किचेन में खाना खाते बाढ़ पीड़ित | Prabhat Khabar Network

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गंगा का पानी घटने से मोहिउद्दीननगर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत की उम्मीद जगी है. जलस्तर अभी खतरे के निशान से 2.20 मीटर ऊपर है. कई गांवों में पानी जमा है, जबकि बांधों पर विस्थापित परिवारों की मुश्किलें बनी हुई हैं.

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मोहिउद्दीननगर प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली गंगा नदी के जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है. पानी धीरे-धीरे नीचे खिसकने से दियारा क्षेत्र के लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की है, लेकिन बाढ़ की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं. कई गांवों में सड़कें अब भी पानी में डूबी हैं और बड़ी संख्या में लोग नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं.

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रोज 25 से 30 सेंटीमीटर घट रहा गंगा का पानी

गंगा के सरारी कैंप पर तैनात जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता मनीष कुमार गुप्ता ने मंगलवार को बताया कि गंगा का जलस्तर 47.70 मीटर तक पहुंच गया है. यह खतरे के निशान 45.50 मीटर से 2.20 मीटर अधिक है. हालांकि, फिलहाल जलस्तर घटने की प्रवृत्ति बनी हुई है.

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गंगा के जलस्तर में रोजाना करीब 25 से 30 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की जा रही है. पानी घटने से बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को धीरे-धीरे राहत मिलने की उम्मीद है.

बांध पर तंबू में रह रहे विस्थापित परिवार

बाढ़ के कारण घर छोड़कर पतसिया और बोचहा बांध पर पॉलिथीन से बने तंबुओं में रह रहे दर्जनों परिवारों की परेशानी अभी बनी हुई है. उमस भरी गर्मी के बीच परिवार दिनभर तंबुओं में रहने को मजबूर हैं.

दियारा क्षेत्र के कई गांवों के लोगों की जिंदगी फिलहाल नाव के सहारे चल रही है. मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर अंचल में स्थानीय प्रशासन की ओर से नावों का परिचालन कराया जा रहा है, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को आवागमन में परेशानी न हो.

पांच दर्जन से अधिक स्कूल अब भी बंद

मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड के करीब पांच दर्जन से अधिक विद्यालयों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया था. सुरक्षा को देखते हुए विभागीय आदेश से इन स्कूलों को बंद किया गया था. करीब एक सप्ताह से विद्यालय अभी भी बंद हैं.

वहीं, मोहिउद्दीननगर, पटोरी और विद्यापतिनगर प्रखंड के उत्तरी हिस्सों में रहने वाले हजारों विस्थापित पशुपालकों के सामने भी कई तरह की समस्याएं हैं. पशुपालन विभाग की ओर से पशुओं के लिए चारा और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है.

70 से अधिक जगहों पर सामुदायिक किचन

प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों की जरूरतों को देखते हुए राहत कार्य जारी है. अधिकारियों के अनुसार, 70 से अधिक स्थानों पर सामुदायिक किचन चलाये जा रहे हैं. मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड में 150 से अधिक नावों का परिचालन किया जा रहा है.

जरूरतमंद परिवारों के बीच पॉलिथीन शीट का भी वितरण किया जा रहा है. हालांकि, पानी घटने के बावजूद कई सड़कों और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी जमा है. ऐसे में लोगों को पूरी तरह राहत मिलने में अभी समय लग सकता है.

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