बेसिक लाइफ सपोर्ट तकनीक सीखेंगे कॉलेजों के विद्यार्थी
कॉलेजों के छात्र बीएलएस (बेसिक लाइफ सपोर्ट) तकनीक सीखेंगे. यूजीसी ने कॉलेजों को निर्देश दिया है कि छात्र अगर इस तकनीक को सीख लेंगे, तो कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) के समय बचाव को लेकर आगे आ सकते हैं.
समस्तीपुर : कॉलेजों के छात्र बीएलएस (बेसिक लाइफ सपोर्ट) तकनीक सीखेंगे. यूजीसी ने कॉलेजों को निर्देश दिया है कि छात्र अगर इस तकनीक को सीख लेंगे, तो कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) के समय बचाव को लेकर आगे आ सकते हैं. कॉलेजों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार कार्डियक अरेस्ट के समय के 3 से 10 मिनट महत्वपूर्ण होते हैं, मगर 0.1 प्रतिशत लोग ही बेसिक लाइफ सपोर्ट के बारे में जानते हैं. यही वजह है कि छात्रों को इसके बारे में प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया गया है. कॉलेजों में चिकित्सकों के सहयोग से छात्रों और शिक्षकों को ही नहीं, कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित किया जायेगा. कॉलेजों को निर्देश मिला है कि चिकित्सकों से परामर्श कर छात्रों के बीच इसकी कक्षा कराएं, ताकि छात्रों को इसकी जानकारी मिल सके. महिला कॉलेज के प्रधानाचार्या डाॅ. सुनिता सिन्हा ने कहा कि युवाओं समेत हर उम्र के लोगों में सडन कार्डियक अरेस्ट या अचानक मौत के बढ़ते मामले बड़ी चिंता हैं. हंसते-गाते, खेलते-कूदते और सामान्य दिखने वाला शख्स अचानक गिर जाता है और उसकी मौत हो जाती है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में मरीज की जान बचाने के लिए कुछ समय पहले सीपीआर यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन की ट्रेनिंग देने का अभियान बड़े स्तर पर शुरू किया. सीखना है जरूरी बच सकती है किसी अपने की जान
आपके शहर में
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए