समस्तीपुर में फसल सहायता योजना को लेकर भारी असमानता: बिथान अव्वल, मोरवा-विद्यापतिनगर में खाता भी नहीं खुला

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समस्तीपुर में फसल सहायता योजना को लेकर भारी असमानता: बिथान अव्वल, मोरवा-विद्यापतिनगर में खाता भी नहीं खुला

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समस्तीपुर जिले में फसल सहायता योजना को लेकर किसानों में असमंजस की स्थिति है। बिथान और सिंघिया जैसे प्रखंडों में जहां भारी उत्साह देखा जा रहा है, वहीं मोरवा और विद्यापतिनगर जैसे प्रमुख प्रखंडों में अब तक एक भी आवेदन नहीं आया है।

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फसल सहायता योजना: बिहार राज्य फसल सहायता योजना (रबी 2025-26) को लेकर समस्तीपुर जिले के किसानों में मिला-जुला रुझान देखने को मिल रहा है. सहकारिता विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने जिले के 20 प्रखंडों में योजना के प्रचार-प्रसार और प्रशासनिक सक्रियता की असल तस्वीर सामने रख दी है. एक तरफ जहां बिथान और सिंघिया जैसे प्रखंडों में किसानों ने रिकॉर्ड पंजीकरण कराया है, वहीं मोरवा और विद्यापतिनगर जैसे प्रखंडों में आवेदनों की संख्या शून्य पर सिमट कर रह गई है. जिले भर से अब तक कुल 10,956 आवेदन मिले हैं, जिनमें से 6,812 आवेदनों का सत्यापन व निष्पादन पूरा कर लिया गया है, जबकि 4,067 आवेदन अभी प्रक्रियाधीन हैं.

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बिथान और सिंघिया में सबसे अधिक उत्साह, पूसा निष्पादन में आगे

जिले में बिथान प्रखंड ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है. यहां सर्वाधिक 3,278 किसानों ने फसल सहायता के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा किए हैं. इनमें से 2,415 आवेदनों को मंजूरी मिल चुकी है और 2,266 किसानों का डेटा अंतिम रूप से सत्यापित हो चुका है.

  • सिंघिया प्रखंड: कुल 1,985 आवेदनों के साथ जिले में दूसरे पायदान पर है, जहां 1,940 आवेदनों पर जांच की कार्रवाई पूरी कर 1,286 का अंतिम निबंधन किया गया.
  • पूसा प्रखंड: कुल 1,390 आवेदनों में से 1,360 का त्वरित निष्पादन कर जिले में सबसे बेहतर और तेज निष्पादन दर दर्ज कराई है.

मध्यम प्रदर्शन वाले प्रखंडों की स्थिति

मध्यम श्रेणी वाले प्रखंडों में भी किसानों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई है. वारिसनगर में 1,071 में से 1,062 आवेदन स्वीकृत हुए हैं. सरायरंजन में कुल 716 में से 418 आवेदनों का निष्पादन हुआ. ताजपुर में 596 में से 533 आवेदन स्वीकृत किए गए. वहीं कल्याणपुर में 588 में से 580 और खानपुर प्रखंड में 517 में से 491 आवेदनों को स्वीकृति मिल चुकी है. इसके अलावा शिवाजी नगर में 421 और सदर समस्तीपुर में 175 आवेदन दर्ज किए गए हैं.

कई प्रखंडों में बेहद सुस्त रफ्तार, दो जगह शून्य पर अटका आंकड़ा

योजना का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जिले के कई प्रमुख कृषि प्रधान प्रखंडों में आवेदन का आंकड़ा दहाई तक भी नहीं पहुंच सका है. स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार की भारी कमी, जागरूकता का अभाव अथवा तकनीकी दिक्कतों की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई है:

  • शून्य आवेदन: मोरवा और विद्यापतिनगर प्रखंडों में अब तक एक भी किसान का आवेदन दर्ज नहीं हुआ है.
  • न्यूनतम भागीदारी: दलसिंहसराय में मात्र 2, विभूतिपुर में 12, रोसड़ा में 13, उजियारपुर में 21 और हसनपुर में केवल 24 आवेदन आए हैं.

प्रशासन को इन पिछड़े प्रखंडों में विशेष शिविर लगाकर किसानों को योजना से जोड़ने की सख्त जरूरत है.

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