समस्तीपुर में बाल संरक्षण व्यवस्था की जांच, बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा पर दिया जोर

सांकेतिक तस्वीर
बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य ज्योति कुमारी ने समस्तीपुर में बाल संरक्षण एवं आवासीय संस्थानों का गहन निरीक्षण किया. उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया और महत्वपूर्ण निर्देश दिए.
Samastipur News: बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पटना की सदस्य ज्योति कुमारी ने समस्तीपुर जिले के विभिन्न बाल संरक्षण एवं आवासीय संस्थानों का निरीक्षण कर बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और समेकित देख-रेख व्यवस्था का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. निरीक्षण के क्रम में उन्होंने विद्यापतिनगर प्रखंड के बंगराहा में 14 वर्षीय बालक की बेरहमी से हत्या की घटना से जुड़े मामले की भी जानकारी ली और पीड़ित परिवार से मुलाकात की.
बाल संरक्षण को बताया सामूहिक जिम्मेदारी
निरीक्षण के दौरान ज्योति कुमारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति और संबंधित संस्थानों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने बच्चों के लिए सुरक्षित, प्रेरणादायक, सामाजिक और बाल अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया.
उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाए.
कस्तूरबा विद्यालय में बच्चियों से किया संवाद
आयोग सदस्य ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, खानपुर के टाइप-01 और टाइप-04 विद्यालयों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने छात्राओं से सीधे बातचीत कर उनकी शिक्षा, दैनिक दिनचर्या, भोजन, आवासीय सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की.
उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को बच्चियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
बाल संरक्षण संस्थानों की व्यवस्था का लिया जायजा
विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान और चाइल्ड हेल्पलाइन, समस्तीपुर के निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं और संचालन संतोषजनक पाया गया. ज्योति कुमारी ने कर्मियों को बेहतर संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और उन्हें बच्चों के हित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया.
उन्होंने भूले-भटके बच्चों को जल्द से जल्द परिवार से जोड़ने और अनाथ बच्चों को कानूनी प्रक्रिया के तहत दत्तक ग्रहण कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा.
गैरकानूनी तरीके से बच्चा गोद लेने पर दी चेतावनी
आयोग सदस्य ज्योति कुमारी ने लोगों से अपील की कि बच्चे को केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत ही गोद लें. उन्होंने कहा कि गैरकानूनी तरीके से बच्चा गोद लेना कानूनन अपराध है.
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी कारण से बच्चे का पालन-पोषण करने में सक्षम नहीं है तो बच्चे को कहीं भी छोड़ने के बजाय सरकार द्वारा स्थापित पालना शिशु संग्रहण केंद्र में पहुंचाएं. ऐसे मामलों में बच्चे और अभिभावक की पहचान गोपनीय रखी जाती है.
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