शिक्षक का दायित्व विद्यार्थियों को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाना : प्रो डॉ ऊषा सिन्हा

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कार्यकम में प्रधानाचार्य के साथ शिक्षक व छात्राएं | Prabhat Khabar Network

रमेश झा महिला महाविद्यालय में शिक्षक दिवस के अवसर पर प्राचार्या प्रो. डॉ. ऊषा सिन्हा ने शिक्षकों के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि शिक्षक का मुख्य कार्य छात्रों को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान की ओर ले जाना है. AI के युग में भी शिक्षक-शिष्य का भावनात्मक रिश्ता अनमोल है.

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सहरसा. शिक्षक दिवस के अवसर पर रमेश झा महिला महाविद्यालय में शनिवार को छात्राओं के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम को संबोधित करते महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो डॉ ऊषा सिन्हा ने कहा कि गुरु का मूल अर्थ अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला है. समय के साथ गुरु शब्द का स्वरूप एवं प्रचलन बदलता गया. आज शिक्षक शब्द अधिक प्रचलित है. उन्होंने कहा कि शिक्षक का प्रमुख कार्य एवं दायित्व विद्यार्थियों को अज्ञानता के अंधकार से बाहर निकालना, उनके प्रश्नों का उत्तर देना व उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करना है.

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शिक्षक-शिष्य का रिश्ता अत्यंत पवित्र एवं भावनात्मक होता है : प्राचार्या

प्राचार्या ने कहा कि शिक्षक-शिष्य का रिश्ता अत्यंत पवित्र एवं भावनात्मक होता है. यह रिश्ता जीवन में कम या अधिक पाने से नहीं, बल्कि आपसी सम्मान एवं भाव से जुड़ा होता है. उन्होंने छात्राओं को जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर साधना एवं मेहनत के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. साथ ही नियमित रूप से कक्षा में उपस्थित रहकर अध्ययन करने एवं अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण पर ध्यान देने की अपील की. महाविद्यालय के अर्थपाल डॉवरुण कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों को ऐसा सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना चाहिए, जिसमें छात्राएं अपनी क्षमता एवं प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर सके. उन्होंने कहा कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है. छात्राएं निरंतर मेहनत करें एवं जीवन में आगे बढ़ें.

एआई युग में शिक्षा का स्वरूप बदल रहा : विभागध्याक्ष

शिक्षाशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ राज लक्ष्मी ने कहा कि आज के एआई युग में शिक्षा का स्वरूप भले बदल रहा हो. लेकिन शिक्षक एवं विद्यार्थी के संबंधों का महत्व कम नहीं हुआ है. शिक्षक विद्यार्थियों की भावनाओं को समझकर जिस मानवीय तरीके से उनकी समस्याओं का समाधान कर सकता है वह एआई नहीं कर सकता. कार्यक्रम का मंच संचालन बीएड की छात्राओं अंशु एवं मुस्कान ने किया. मौके पर शिक्षाशास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ संजीत कुमार सिंह, कुमारी सरिता, अभिषेक कुमार, सबिता कुमारी, डॉ पीके वत्स, जीतेन्द्र कुमार एवं देवबंश सिंह सहित शिक्षकेतर कर्मी रोहणी कुमारी, अभिषेक कुमार सिंह, वंदना पाण्डेय सहित प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की छात्राएं मौजूद थी.

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