सहरसा में होंडा शोरूम से अमन चौक तक बन रहे नाले का काम रुका: सदर एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर लगाई रोक

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निर्माण स्थल का जायजा लेते सदर एसडीएम व अन्य | Prabhat Khabar Network

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सहरसा में नाला निर्माण में अतिक्रमण और अनियमितता पर प्रशासन सख्त. एसडीएम ने निर्माण रुकवाकर 3 दिन में नापी का आदेश दिया, 35 अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई तय.

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सहरसा नगर निगम क्षेत्र में निर्माण कार्यों के दौरान बरती जा रही मनमानी और अतिक्रमण की अनदेखी पर प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. हटियागाछी स्थित होंडा शोरूम के समीप से अमन चौक तक नगर निगम द्वारा कराए जा रहे महत्वपूर्ण नाला निर्माण कार्य को मंगलवार को सदर एसडीएम श्रीयांश तिवारी ने स्थल निरीक्षण के बाद तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया. निरीक्षण के क्रम में सड़क की सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को नजरअंदाज कर नाला बनाने की गंभीर अनियमितता उजागर हुई, जिसके बाद एसडीएम ने यह सख्त एक्शन लिया.

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अतिक्रमण की अनदेखी पर भड़के एसडीएम, सीओ को 3 दिन में नापी का अल्टीमेटम

सदर एसडीएम श्रीयांश तिवारी ने निर्माण कार्य का बारीकी से जायजा लेते हुए संबंधित अंचलाधिकारी (सीओ) को पूरे मार्ग की नए सिरे से सरकारी अमीन के जरिए नापी कराने का निर्देश दिया है. एसडीएम ने स्पष्ट लहजे में कहा कि तीन दिनों के भीतर विस्तृत पैमाइश रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाए. उन्होंने बताया कि सड़क की जमीन पर हुए अतिक्रमण को दरकिनार कर ठेकेदार और निगम कर्मियों द्वारा नाले की ढलाई कराई जा रही थी, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जब तक वास्तविक सीमांकन नहीं हो जाता, तब तक निर्माण कार्य पर पूर्ण विराम रहेगा.

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35 अतिक्रमणकारियों की पूर्व रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डालने पर उठे सवाल

एसडीएम ने खुलासा किया कि इस मुख्य सड़क पर अतिक्रमण के मामले में पूर्व में ही अंचलाधिकारी द्वारा 35 लोगों के विरुद्ध विधिवत जांच कर रिपोर्ट नगर निगम को सौंपी जा चुकी थी. इसके बावजूद नगर निगम और निर्माण एजेंसी ने उस रिपोर्ट पर बुलडोजर चलाने या जमीन खाली कराने के बजाय अतिक्रमणकारियों को बचाते हुए टेढ़े-मेढ़े नाले का निर्माण शुरू करा दिया. एसडीएम ने साफ कहा कि पूर्व की रिपोर्ट को दरकिनार कर काम कराना नियमों का खुला उल्लंघन है और नई रिपोर्ट आने के बाद सभी 35 चिह्नित अतिक्रमणों को हटाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

वार्ड 27, 28 और 29 के आवागमन पर पड़ता बुरा असर

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह नाला वार्ड संख्या 27, 28 और 29 की लाइफलाइन मानी जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे बनाया जा रहा है. एसडीएम ने बताया कि यदि अतिक्रमण हटाए बिना नाला बना दिया जाता, तो मुख्य सड़क हमेशा के लिए संकरी हो जाती. इससे भविष्य में भारी जाम, जलजमाव और आपातकालीन वाहनों के आवागमन में गंभीर संकट खड़ा हो जाता. अब अंचल कार्यालय द्वारा की जाने वाली दोबारा नापी और सीमांकन रिपोर्ट के आधार पर पहले सड़क की पूरी चौड़ाई खाली कराई जाएगी, उसके बाद ही नाला निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो सकेगा.

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