सहरसा में बदले DPM, नवादा के अमित कुमार को मिली जिम्मेदारी, 7 दिन में योगदान का निर्देश
सहरसा - जिला स्वास्थ्य समिति | Prabhat Khabar Network
सहरसा जिला स्वास्थ्य समिति में जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) के प्रभार को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब समाप्त हो गया है. राज्य स्वास्थ्य समिति ने नवादा के जिला कार्यक्रम प्रबंधक अमित कुमार को सहरसा का नया डीपीएम नियुक्त किया है. इस नियुक्ति से प्रशासनिक स्थिरता आने और स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है.
Saharsa DPM Transfer: सहरसा जिला स्वास्थ्य समिति में जिला कार्यक्रम प्रबंधक यानी डीपीएम के प्रभार को लेकर पिछले महीने से चल रहा विवाद अब खत्म होने की उम्मीद है. राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार ने सहरसा में नियमित डीपीएम की पदस्थापना कर दी है. नवादा के जिला कार्यक्रम प्रबंधक अमित कुमार को सहरसा का नया जिला कार्यक्रम प्रबंधक बनाया गया है. उन्हें वर्तमान पद का प्रभार सौंपकर अधिकतम एक सप्ताह के भीतर सहरसा में योगदान देने का निर्देश दिया गया है.
राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पाण्डेय की ओर से 7 सितंबर 2026 को जारी आदेश में बिहार के तीन जिलों के डीपीएम के तबादले का निर्देश दिया गया है. आदेश के मुताबिक रोहतास के जिला कार्यक्रम प्रबंधक अजय कुमार सिंह का तबादला नवादा किया गया है. वहीं नवादा के डीपीएम अमित कुमार को सहरसा भेजा गया है. शिवहर की जिला कार्यक्रम प्रबंधक मुक्ता भारती का तबादला रोहतास किया गया है. आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.
डीपीएम का पद रिक्त होने के बाद शुरू हुआ था विवाद
सहरसा जिला स्वास्थ्य समिति में डीपीएम का पद रिक्त होने के बाद इसके प्रभार को लेकर विवाद सामने आया था. उस समय आरोप लगाया गया था कि सिविल सर्जन की ओर से एचआर पॉलिसी के प्रावधानों की अनदेखी करते हुए डीपीएम के प्रभार के लिए जिला स्वास्थ्य समिति के संबंधित पदाधिकारियों को दरकिनार किया गया.
आरोप के अनुसार प्रबंधन से जुड़ी अस्पताल प्रबंधक सिम्पी कुमारी के नाम की अनुशंसा जिलाधिकारी को भेजी गयी थी. इसके बाद उन्हें जिला कार्यक्रम प्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया था.
मामला तब और गंभीर हो गया था, जब जिला स्वास्थ्य समिति के करीब 35 अधिकारियों और कर्मियों ने संयुक्त रूप से जिलाधिकारी को आवेदन दिया था. कर्मचारियों ने एचआर पॉलिसी के कथित उल्लंघन के साथ प्रशासनिक कार्यशैली पर भी सवाल उठाये थे.
35 अधिकारियों और कर्मियों ने दिया था आवेदन
कर्मचारियों की ओर से लगाये गये आरोपों में कहा गया था कि डीपीएम का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद सिम्पी कुमारी का रवैया तानाशाहीपूर्ण हो गया था. कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों में समन्वय की कमी का भी आरोप लगाया था. उनका कहना था कि इससे कार्यालय का कार्य वातावरण प्रभावित हो रहा है और विभागीय कार्यों के निष्पादन में परेशानी हो रही है.
हालांकि, उस समय जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से इन आरोपों पर अपना पक्ष स्पष्ट किया गया था. समिति के अनुसार डीपीएम के प्रभार के लिए अस्पताल प्रबंधक सिम्पी कुमारी और जिला सामुदायिक समन्वयक यानी डीसीएम राहुल किशोर के नामों पर विचार किया गया था. सक्षम स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद ही सिम्पी कुमारी को डीपीएम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था.
Saharsa DPM Transfer: नियमित डीपीएम की तैनाती से प्रशासनिक स्थिरता की उम्मीद
अब राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से नियमित डीपीएम की पदस्थापना के बाद सहरसा जिला स्वास्थ्य समिति को स्थायी जिला कार्यक्रम प्रबंधक मिलने जा रहा है. नए डीपीएम अमित कुमार के योगदान के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की मॉनिटरिंग, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है.
नियमित पदस्थापन से पिछले महीने सामने आये प्रभार विवाद पर भी विराम लगने की संभावना है. जिला स्वास्थ्य समिति में डीपीएम की नियमित नियुक्ति को प्रशासनिक स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अब नए डीपीएम के योगदान के बाद स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यालय के प्रशासनिक कामकाज को किस तरह आगे बढ़ाया जाता है, इस पर भी नजर रहेगी.
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