सदर अस्पताल में दवा की घोर कमी

Published at :14 Oct 2015 6:45 PM (IST)
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सदर अस्पताल में दवा की घोर कमी

सदर अस्पताल में दवा की घोर कमी सहरसा सिटी. प्रमंडलीय अस्पताल कहे जाने वाले सदर अस्पताल में बीते एक माह से दवाओं की घोर कमी के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खासकर सुदूर देहात से इलाज कराने आने वाले गरीबों को काफी परेशानी हो रही है. दवा की कमी […]

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सदर अस्पताल में दवा की घोर कमी सहरसा सिटी. प्रमंडलीय अस्पताल कहे जाने वाले सदर अस्पताल में बीते एक माह से दवाओं की घोर कमी के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खासकर सुदूर देहात से इलाज कराने आने वाले गरीबों को काफी परेशानी हो रही है. दवा की कमी के कारण लोगो को स्लाईन से लेकर जीवनरक्षक दवाई के लिये बाजार का चक्क र लगाना पड़ रहा है. आर्थिक रूप से कमजोर लोगो को दवा की कमी के कारण कर्ज का सहारा लेना पड़ रहा है. 72 दवाई पर सदर अस्पताल कई माह से सदर अस्पताल कुछ दिनों से दवाओं की घोर कमी से जूझ रहा है. जानकारी के अनुसार ओपीडी मात्र 27 दवाईयों के भरोसे व आइपीडी 45 दवाईयों के भरोसे चल रहा है. यानी सदर अस्पताल में मिलने वाली 113 प्रकार की दवाईयों में मरीजों को मात्र 72 तरह की दवाई ही मिल पा रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल में ड्रेसिंग तक का सामान नहीं है. मरीजों को स्वयं काटन व टिंचर तक खरीदनी पड़ती है. इसके अलावे सेफेक्सीन,एम्पीलीसीन, मेकासीन, ऑनडेम, डायलोना, डेक्लोभिन, पारासिटामोल, डेक्सोना, आरएल स्लाईन, यूरो बैग, बैंडेज, पीओपी, कैल्सियम, मेट्रोन, पेंटाप्राजोल, मेट्रोजिन, इन्फ्यूजन, बीकॉम्प्लेक्स सिरप, पारासिटामोल सिरप, एलबेंडाजोल सिरप, सेटरीजिन, मेकानाजोल मलहम, पोबिडन, डेक्लोफेनिक सहित कई अन्य दवा उपलब्ध नहीं है. वहीं ऐंटी रेबिज इंजेक्शन भी महीनों से अस्पताल में उपलब्ध नहीं है. कुत्ता काटने के बाद लोगों को इंजेक्शन लेने के लिए बाजार से खरीदना मजबूरी बन गयी है. क्या कहते हैं उपाधीक्षक इस बाबत पूछे जाने पर उपाधीक्षक डॉ अनिल कुमार ने दवा की कमी की बात स्वीकार करते कहा कि दवा की कमी को दूर करने के लिये वरीय अधिकारी को सुचित कर दिया गया है. जल्द ही समस्या के दूर होने की संभवना है.

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