सभी अस्पतालों के ओपीडी हुए क्यू मैनेजमेंट सिस्टम से लैस

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सहरसा : निजी नर्सिंग होम व बैंक की तर्ज पर जिले के सदर अस्पताल सहित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ओपीडी को क्यू मैनेजमेंट सिस्टम से लैस किया गया है. अब मरीजों को चिकित्सक से दिखाने के लिए वेश्म के आगे में पंक्तिबद्ध होकर घंटों खड़े रहने की आवश्यकता नहीं होगी. ओपीडी में पुर्जा कटाने […]

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सहरसा : निजी नर्सिंग होम व बैंक की तर्ज पर जिले के सदर अस्पताल सहित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ओपीडी को क्यू मैनेजमेंट सिस्टम से लैस किया गया है. अब मरीजों को चिकित्सक से दिखाने के लिए वेश्म के आगे में पंक्तिबद्ध होकर घंटों खड़े रहने की आवश्यकता नहीं होगी. ओपीडी में पुर्जा कटाने के बाद मरीजों को ओपीडी में लगी कुर्सी पर अपने टोकन नंबर का इंतजार करना होगा.

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जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम राहुल किशोर व अस्पताल प्रबंधक विनय रंजन ने बताया कि मरीज के ओपीडी पुर्जा पर ही वह जिस विभाग के चिकित्सक से दिखाने आयेंगे, उस विभाग का टोकन नंबर अंकित होगा. मरीज को पुर्जा कटाने के बाद संबंधित विभाग के आगे लगी कुर्सी पर इंतजार करना होगा. टोकन नंबर वेश्म के गेट पर डिस्प्ले होने व साउंड से उद्घोषणा होने के बाद मरीज वेश्म में प्रवेश कर चिकित्सक से सलाह लेंगे.
डॉक्टर के नाम से निर्गत होगा टोकन नंबर : ओपीडी में बने पुर्जा काउंटर पर किसी भी विभाग में दिखाने से पहले कुछ जानकारी देनी होगी. कार्यपालक सहायक सूरज कुमार ने बताया कि मरीजों को पुर्जा कटाने से पहले बताना होगा कि वह पहली बार आये हैं या पूर्व में भी दिखा चुके हैं.
उसके बाद उन्हें अपना नाम, पिता का नाम, उम्र, लिंग, पूरा पता, आधार कार्ड नंबर, आयुष्मान भारत के लाभार्थी हैं या नहीं बताना होगा. जिसके बाद संबंधित विभाग में कौन डॉक्टर देखेंगे के नाम के साथ टोकन नंबर मिलेगा.
प्रधान सचिव का निर्देश : जिले के सदर अस्पताल सहित सभी पीएचसी में क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लगाने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने दिया था. जिसके बाद सिविल सर्जन ने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक एवं सभी पीएचसी के प्रभारी को इस डिवाइस को लगाने का निर्देश दिया था. जिसके बाद सभी पीएचसी प्रभारी ने जिला स्वास्थ्य समिति में अधियाचना दी.
जिसके आधार पर राजलक्ष्मी इंटरप्राइजेज सहरसा को डिवाइस लगाने की अनुमति दी गयी. संचालक आदित्य वत्स ने बताया कि सदर अस्पताल में आठ, सौरबाजार पीएचसी में दो, सोनवर्षा पीएचसी में एक, पतरघट पीएचसी में एक, कहरा पीएचसी में एक, सिमरी बख्तियारपुर पीएचसी में एक, पंचगछिया पीएचसी में एक, नवहट्टा पीएचसी में एक, महिषी पीएचसी में एक, सलखुआ पीएचसी में एक, बनमा इटहरी पीएचसी में एक डिवाइस लगाया गया है.
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