बोटिंग ने लौटायी मत्स्यगंधा की दशकों पुरानी रौनक

Updated at : 29 Nov 2017 5:34 AM (IST)
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बोटिंग ने लौटायी मत्स्यगंधा की दशकों पुरानी रौनक

रोज हजारों रुपये की हो रही है आमदनी, बाहर से भी आने लगे हैं पर्यटक झील से एक महीने में हुई 2,53,840 रुपये की शुद्ध आय एक बार फिर से विदेशी पक्षियों का बनने लगा है आशियाना सहरसा : डीएम टीएन लाल दास की परिकल्पना को तकरीबन 20 वर्षों के बाद आइएएस ऑफिसर डीएम बिनोद […]

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रोज हजारों रुपये की हो रही है आमदनी, बाहर से भी आने लगे हैं पर्यटक

झील से एक महीने में हुई 2,53,840 रुपये की शुद्ध आय
एक बार फिर से विदेशी पक्षियों का बनने लगा है आशियाना
सहरसा : डीएम टीएन लाल दास की परिकल्पना को तकरीबन 20 वर्षों के बाद आइएएस ऑफिसर डीएम बिनोद सिंह गुंजियाल ने एक बार फिर जिंदा कर दिया. मत्स्यगंधा की सफाई एवं नौका विहार शुरू किए जाने से झील की रौनक काफी बढ़ गयी है. अब एक बार फिर से यहां पर्यटक आने लगे हैं. झील विदेशी पंछियों का भी ठिकाना बनने लगा है.
शिकारा दे रहा डल झील का आनंद: डीएम विनोद सिंह गुंजियाल व पूर्व एसडीएम सौरव जोरवाल की इच्छाशक्ति व जिद का ही नतीजा है कि जीर्ण-शीर्ण हो चुका मत्स्यगंधा जलाशय अपने खोये अस्तित्व को लौटा सका है और पहले की तरह एक बार फिर स्वर्ग का रूप लेने लगा है. अब यहां झील में जलकुंभी नहीं, बल्कि साफ पानी झलकता है.
उस साफ पानी में तैरते रंग-बिरंगे पैडल बोट नजर आते हैं. वोटिंग करने वालों की कतार दिखती है तो महाभारत में उल्लिखित मत्स्यगंधा की कथा बोलते लोग नजर आते हैं. परिसर में सुबह से लेकर शाम तक लोगों की आवाजाही बनी रहती है. खासकर संध्याकाल में परिवार सहित इधर घुमने आने वाले लोगों की संख्या में काफी अधिक इजाफा हुआ है. जिला प्रशासन के प्रयास से लोग मत्स्यगंधा जलाशय में कश्मीर के डल झील की तरह शिकारा का भी आनंद ले रहे हैं. लोगों की लगातार बढ़ती भीड़ की तुलना में झील में डाले गए छह पैडल बोट कम पड़ने लगे हैं.
अभी और बढ़ेगी झील से आमदनी
सफाई के बाद छठ के मौके पर झील में छह पैडल बोट व दो शिकारा उतारे गये थे. ये सारे बोट रक्तकाली चौंसठ योगिनी मंदिर की आमदनी से खरीदे गए थे. इन बोटों की प्रतिदिन की आमदनी से उत्साहित मंदिर प्रबंधन समिति एवं जिला प्रशासन ने शीघ्र ही आठ पैडल बोट और उतारे. लोगों के आने का सिलसिला इस कदर बढ़ता जा रहा है कि झील में अभी और नाव उतारने की जरूरत महसूस की जा रही है. वोटिंग से मंदिर प्रबंधन समिति को लगभग प्रतिदिन 10 हजार रुपये से अधिक तक की आमदनी हो रही है.
नौकाविहार लगातार लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. मत्स्यगंधा मेला और नववर्ष पर बोटिंग व मंदिर समिति की आमदनी लगातार बढ़ने के आसार बने हुए हैं. बीते एक महीने में इस जलाशय ने मंदिर समिति को तकरीबन दो लाख 53 हजार 840 रुपये की राशि दी है. सर्वाधिक 17000 रुपये तक की आमदनी पहुंच चुकी है.
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