फुटपाथ पर फिर दुकानदारी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :05 Apr 2017 5:45 AM (IST)
विज्ञापन

हालत. जाम से निजात के लिए लाखों खर्च, नतीजा सिफर डीएम के सख्त तेवर का भी अफसरों पर नहीं हो रहा असर सासाराम कार्यालय : शहर के पुराने जीटी रोड पर जाम की समस्या, तब भी थी और अब भी है. हालांकि, इस समस्या को दूर करने के लिए कई उपाय किये गये. फुटपाथ को […]
विज्ञापन
हालत. जाम से निजात के लिए लाखों खर्च, नतीजा सिफर
डीएम के सख्त तेवर का भी अफसरों पर नहीं हो रहा असर
सासाराम कार्यालय : शहर के पुराने जीटी रोड पर जाम की समस्या, तब भी थी और अब भी है. हालांकि, इस समस्या को दूर करने के लिए कई उपाय किये गये. फुटपाथ को बचाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर लोहे की बैरिकेडिंग की गयी. फुटपाथियों के लिए तकिया रेलवे ओवरब्रिज के नीचे वेंडर जोन बनाया गया. अभियान चलाकर फुटपाथियों को वेंडर जोन भेजा गया. इसके बाद कुछ दिनों तक सड़क साफ-सुथरी नजर आयी. फिर एक-एक कर ठेलावाले सड़क किनारे आने लगे.
कुछ ने नियम को तोड़ मरोड़ कर ठेला को दरकिनार कर जमीन पर ही रख दुकान चलानें लगे. आलम यह हुआ है कि पुराने जीटी रोड के किनारे एक बार फिर फुटपाथ सजने लगे हैं.
ठेलेवालों को रास नहीं आ रहा वेंडर जोन
डीएम ने लिखा संयुक्त पत्र
इन स्थितियों पर डीएम की नजर स्वयं पड़ी या लोगों की गुहार उन तक पहुंची. एक सप्ताह पहले 28-29 मार्च को उन्होंने एक संयुक्त पत्र सीओ, नगर पर्षद के इओ व मॉडल थानाध्यक्ष को दी. जिसमें स्पष्ट निर्देश था कि फुटपाथ के अतिक्रमण को प्रत्येक दिन सुबह व शाम में हटाया जाये. पत्र में हाइकोर्ट के आदेश का उल्लेख करते हुए पुलिस को बताया गया था कि जिस अतिक्रमण को प्रशासन एक बार हटाती है और वहां पुन: अतिक्रमण होता है, तो उसकी सारी जिम्मेवारी व उत्तरदायित्व संबंधित क्षेत्र के पुलिस पदाधिकारी व थानाध्यक्ष की होती है.
लोगों को नहीं दिख रहा कार्रवाई का असर
डीएम के पत्र पर कोई कार्रवाई होते लोगों को दिखायी नहीं पड़ रही है. पुलिस अतिक्रमणकारियों को हद में नहीं रख पा रही है. नगर पर्षद की होमगार्ड पुलिस हड़ताल पर है व सीओ की पुलिस सड़क पर दिखायी नहीं पड़ रही है. हालात पहले की भांति बनते जा रहे हैं. सब्जी के ठेलों की संख्या में बढ़ोत्तरी होते जा रही है. ऐसे में एक बार फिर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन को जूझने की नौबत आने से इनकार नहीं किया जा सकता है. देखना है कि अपने निर्देश के हस्र पर डीएम अगला कदम क्या उठाते हैं? क्या उनका निर्देश फाइल तक ही सिमटा रहेगा या कोई और आदेश-निर्देश निकलेगा, जो अफसरों को सड़क तक पहुंचने को मजबूर करेगा?
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




