इस साल अब तक 35 शव हो चुके हैं बरामद
Updated at : 11 Sep 2019 8:27 AM (IST)
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अनुराग शरण, सासाराम : चितौली गांव के समीप गारा-चौबे सोन नहर में विगत छह सितंबर की रात एक अज्ञात युवक (जिसकी बाद में शहर के तकिया मुहल्ला निवासी काशी सेठ के बेटे के रूप में हुई थी) का शव देख सासाराम मुफस्सिल व शिवसागर थाना के बीच काफी देर तक क्षेत्राधिकार को लेकर हुज्जत होते […]
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अनुराग शरण, सासाराम : चितौली गांव के समीप गारा-चौबे सोन नहर में विगत छह सितंबर की रात एक अज्ञात युवक (जिसकी बाद में शहर के तकिया मुहल्ला निवासी काशी सेठ के बेटे के रूप में हुई थी) का शव देख सासाराम मुफस्सिल व शिवसागर थाना के बीच काफी देर तक क्षेत्राधिकार को लेकर हुज्जत होते रही थी.
बाद में माप-जोख के बाद मुफस्सिल थाना को शव बरामद करना पड़ा था. इससे करीब दो माह पूर्व शहर के पश्चिमी सीमा पर स्थित सोन नहर से दो युवतियों का शव बरामद हुआ था. उनकी भी करीब पांच दिन बाद पहचान हुई थी.
इस तरह की घटनाओं की फेहरिस्त काफी लंबी है. कभी स्नान के दौरान डूबे लोगों का शव नहर व तालाबों से बरामद होता है, तो कभी हत्या कर फेंके गये शव बरामद होते हैं. अब लोग कहने लगे हैं कि रोहतास जिला की नहरें व तालाबें शव उगलने लगी हैं. कहने का उनके पास कारण भी है. ये दो घटनाएं लोगों की जेहन से उतरी भी नहीं थी कि नोखा डग के समीप पइन से एक महिला और तीन बच्चियों के शव मिलने की घटना हो गयी.
इन सभी की पहचान नहीं हो पायी है. पहचान होने की संभावना प्रबल है, क्योंकि महिला व बच्चियों का शव जहां मिला है, वहां इतना पानी नहीं था कि उनकी डूबने से मौत हो सकती है. ऐसे में उनकी किसी अज्ञात जगह पर हत्या करने की आशंका को बल मिलता है.
पता लगाना हो जाता है कठिन :किसी की हत्या कर पानी में फेंकने से शव की दशा बदल जाती है. ऐसे में शव की पहचान व हत्या का पता लगाना थोड़ा कठिन हो जाता है.
इस संदर्भ में डॉ प्रवीण कुमार कहते हैं कि पानी में शव फुल जाता है. ऐसे में किसी की गला दबाने या फिर दम घुटने की निशानी बहुत ही फीका हो जाता है. मृतक के शरीर पर पड़े हत्यारे का निशान भी काफी हद तक मिटने की संभावना बनी रहती है. शायद इसीलिए हत्यारे हत्या के बाद शव को पानी में फेंक देते हैं.
एक परिवार के चार बच्चों के तालाब से मिले थे शव
वर्ष 2017 की घटना ने शहर व आसपास के लोगों का दिल दहला के रख दिया था. जब एक परिवार के चार बच्चों का शव चंदन शहीद पीर पहाड़ी के समीप एक तालाब से मिला था. 13 जुलाई को तालाब से बच्चों के शव मिलने पर पूरा इलाका सहम गया था.
पुलिस चकरा गयी थी. अभी इस घटना पर पुलिस फोकस कर ही रही थी कि उसी दिन दिनारा थाना में नहर से एक किशोर का शव मिलने की घटना हो गयी. इस वर्ष की बात करें, तो पूरे जिले में अब तक नहरों व तालाबों से करीब 35 शव बरामद हो चुके हैं. इसमें कुछ की डूबने से मौत हुई है, तो कुछ की हत्या हुई है. रोहतास के सोन नदी से मिले शव की अभी तक पहचान नहीं हो पायी है.
जागरूकता की है जरूरत
दावथ में मंगलवार को झूर का त्योहार मना रही आठ युवतियां काव नदी में स्नान करने के दौरान डूबने लगी. समीप ही कुछ युवक थे, जिन्होंने उन्हें बचा लिया. अगर कुछ हादसा हो जाता, तो फिर किसकी गलती ठहरायी जाती. ऐसे में अभिभावकों को नदी, नहर या तालाब में स्नान करने से बच्चों को रोकना होगा.
जो बालिग हैं, उन्हें भी सतर्क होकर नदी, तालाब या नहर में स्नान करना चाहिए. सामाजिक स्तर पर इसके लिए जागरूकता जरूरी है. अपराधी इन पानी वाले जगहों का इस्तेमाल नहीं करें, इसके लिए पुलिस को अपना तंत्र मजबूत करना होगा.
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