बैसी और कसबा में यूनिसेफ के अधिकारियों का दौरा: बच्चों के पोषण चार्ट और 'अंकुरण' कार्यक्रम की समीक्षा, 8 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

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निरीक्षण के क्रम में उपस्थित टीम के सदस्य | Prabhat Khabar Network

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यूनिसेफ की एक उच्चस्तरीय टीम ने पूर्णिया के ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा कर बच्चों, किशोरियों और धात्री माताओं के पोषण स्तर की जमीनी हकीकत जानी. 'अंकुरण' जैसे स्कूल न्यूट्रिशन प्रोग्राम की मुक्तकंठ से सराहना की गई.

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राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत जिले में समेकित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस) के तहत संचालित गतिविधियों का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करने के लिए यूनिसेफ की उच्चस्तरीय केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय टीम ने पूर्णिया के ग्रामीण अंचलों का सघन दौरा किया.

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टीम के अधिकारियों ने बैसी प्रखंड अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 102 तथा कसबा प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 65 और 49 के साथ-साथ आदर्श रामानंद मध्य विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान अधिकारियों ने केंद्रों पर बच्चों, किशोरियों और धात्री माताओं को दिए जा रहे पूरक पोषाहार, स्वास्थ्य जांच और स्वच्छता संबंधी मानकों का सूक्ष्मता से अवलोकन किया.

यूनिसेफ के शीर्ष अधिकारियों ने जानी धरातल की हकीकत

निरीक्षण दल में यूनिसेफ बिहार की सीएफओ डॉ. मोनिका नीलसन, यूनिसेफ चीफ ऑफ सोशल क्रिस्टीना पोपिवानोवा, राज्य कंसल्टेंट डॉ. शिवानी डार और सोशल पॉलिसी स्पेशलिस्ट अभय कुमार मुख्य रूप से शामिल रहे.

उच्चाधिकारियों ने केंद्र पर मौजूद बच्चों से संवाद किया, उनकी उपस्थिति पंजी और वृद्धि निगरानी चार्ट (ग्रोथ चार्ट) का मिलान किया तथा बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का जायजा लिया.

8 अक्टूबर तक चलेगा पोषण माह, जनभागीदारी पर विशेष जोर

आईसीडीएस महिला पर्यवेक्षिका मनीषा कुमारी ने निरीक्षण दल को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिले में पोषण माह का विशेष अभियान 9 सितंबर से शुरू होकर 8 अक्टूबर तक संचालित किया जा रहा है.

इस एक माह के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों को संतुलित आहार, स्वच्छता और एनीमिया से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है. आरोग्य दिवस के सफल क्रियान्वयन और स्वास्थ्य जांच के तौर-तरीकों से भी यूनिसेफ टीम को अवगत कराया गया.

समुदाय में संतुलित आहार और कुपोषण मुक्ति का संदेश

पर्यवेक्षिका ने बताया कि पोषण माह का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वस्थ जीवनशैली का संदेश पहुंचाना और जनभागीदारी के जरिए कुपोषण का समूल खात्मा करना है.

निरीक्षण के उपरांत यूनिसेफ की टीम ने केंद्रों के संचालन को लेकर आवश्यक तकनीकी सुझाव साझा किए. इसके साथ ही विद्यालय स्तर पर बच्चों के खान-पान की आदतों में सुधार लाने के लिए चलाए जा रहे स्कूल न्यूट्रिशन प्रोग्राम ‘अंकुरण’ तथा पोषण माह की विविध नवाचार गतिविधियों की अधिकारियों ने मुक्तकंठ से सराहना की.

स्वास्थ्य कर्मी और स्थानीय सेविका-सहायिका रहीं मुस्तैद

इस संयुक्त निरीक्षण के मौके पर यूनिसेफ की जिला पोषण कंसल्टेंट निधि भारती व शुभम गुप्ता, स्वास्थ्य कंसल्टेंट शिवशेखर आनंद, प्रखंड समन्वयक अभय आनंद, आंगनबाड़ी सेविका शोभा कुमारी व ममता कुमारी, एएनएम गुंजना, आशा कार्यकर्ता प्रीति, आशा फैसिलिटेटर, सहायिका और बड़ी संख्या में स्थानीय बच्चे व माताएं उपस्थित रहीं.

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