Success Story: बिहार की बेटी ने अंग्रेजों के देश में लहराया भारत का परचम, ब्रिटिश पार्लियामेंट में मिला ये बड़ा सम्मान

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लंदन में अर्पिता ठाकुर

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Success Story: पूर्णिया की बेटी अर्पिता ठाकुर ने ब्रिटेन में भारत का मान बढ़ाया है. ब्रिटिश पार्लियामेंट, लंदन में आयोजित IIW She Inspires 2025 कार्यक्रम में उन्हें ब्राइट आर्टिस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया.

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Success Story: कभी भारत पर ब्रिटिश हुकूमत हुआ करती थी. लेकिन, आज एक भारतीय महिला ने अपनी कला, संस्कृति और सामाजिक कार्यों से ब्रिटेन में सम्मान हासिल कर भारत का मान बढ़ाया है. पूर्णिया की बेटी अर्पिता ठाकुर को यूनाइटेड किंगडम में इंस्पाइरिंग इंडियन वीमेन (IIW) संस्था द्वारा ब्राइट आर्टिस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. उन्हें यह अवार्ड ब्रिटिश पार्लियामेंट, लंदन में आयोजित “IIW She Inspires 2025” कार्यक्रम के दौरान मिला.

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अर्पिता को मिला धर्मा दुबे स्पेशल अवार्ड

अर्पिता ठाकुर को कला, संगीत, ड्रामा और क्रिएटिव मीडिया के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया. उन्हें धर्मा दुबे स्पेशल अवार्ड के तहत 40+ आयु वर्ग में ब्रिटिश सांसद और पद्मश्री बॉब ब्लैकमैन के हाथों सम्मानित किया गया.

पूर्णिया और ससुराल में खुशी की लहर

अर्पिता की इस उपलब्धि से उनके पूर्णिया के शिवाजी कॉलोनी स्थित पैतृक निवास और बेगूसराय स्थित ससुराल में हर्ष का माहौल है. उनके भाई रमेन्द्र झा ने बताया कि अर्पिता वर्तमान में लंदन में अपने पति अजय ठाकुर के साथ रह रही हैं, जो भारतीय उच्चायोग में राजनयिक के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले वह पाकिस्तान, डेनमार्क, नाइजर, कनाडा और रूस जैसे देशों में भी सेवा दे चुके हैं, जहां अर्पिता की कला और संस्कृति को नई पहचान मिली.

कला और पाक कौशल में भी निपुण

पांच भाइयों की इकलौती बहन अर्पिता न सिर्फ संगीत और नृत्य में माहिर हैं, बल्कि उन्हें खाना पकाने का भी शौक है. उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय पाक कला प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और जीत भी हासिल की. रूस के व्लादिवोस्तोक में आयोजित भारत-जापान करी मेकिंग कॉम्पिटिशन में उन्होंने विशेष पुरस्कार जीता था.

भारत की संस्कृति को विदेशों में दे रहीं नया आयाम

अर्पिता ठाकुर सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि एक संस्कृति दूत भी हैं. विदेशों में भारतीय कला, भाषा और सामाजिक कार्यों को बढ़ावा देकर उन्होंने भारत का नाम रोशन किया है. उनकी इस उपलब्धि से बिहार और पूरे देश को गर्व महसूस हो रहा है.

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