रूपौली में कोसी का कहर, आठ पंचायतों के दर्जनों गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, पलायन शुरू

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फोटो-  लोगों के घर में समाया बाढ़ का पानी   | Prabhat Khabar Network

कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से पूर्णिया के रूपौली प्रखंड में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है. आठ पंचायतों की दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे लोगों को घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ रहा है. बाढ़ पीड़ितों को राहत शिविरों और सूखे राशन का इंतजार है.

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पूर्णिया, रूपौली. कोसी नदी के खतरे के निशान से काफी ऊपर बहने के कारण पूर्णिया के रूपौली प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. प्रखंड की आठ पंचायतों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है. दर्जनों गांवों में लोगों के घर-आंगन तक पानी पहुंच गया है. सबसे अधिक प्रभावित कोयली सिमरा पश्चिम पंचायत के सूर्यमुखी टोला, गोभी टोला, सपहा महादलित टोला, पुरानी नंदगोला तथा भौवा प्रबल पंचायत के शोहरा दियरा, बिंद टोली, दिनासिंह बासा, नया टोला और टोपरा जमाय टोला हैं.

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2-  प्रभावित क्षेत्र में फैला बाढ़ का पानी  | Prabhat Khabar Network
फोटो- गाँव में फैला बाढ़ का पानी | Prabhat Khabar Network

आठ पंचायतों में जनजीवन ठप होने की आशंका

ग्रामीणों के अनुसार यदि कोसी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो रूपौली प्रखंड की आठ पंचायतों में स्थिति और गंभीर हो सकती है. कोयली सिमरा पश्चिम, कोयली सिमरा पूर्व, भौवा प्रबल, विजय लालगंज, विजय मोहनपुर, धूसर टीकापट्टी, गोड़ियर पट्टी श्रीमत्ता और लक्ष्मीपुर छर्रापट्टी पंचायतों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है. लगातार पानी बढ़ने पर बड़ी संख्या में लोगों के विस्थापित होने की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है.

मचान पर कट रहे दिन-रात, सुरक्षित जगहों की ओर पलायन

बाढ़ का पानी घरों में घुसने के बाद कुछ लोग घरों के अंदर मचान बनाकर रहने को मजबूर हैं. वहीं अधिकतर परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं. पशुपालक भी अपने मवेशियों को लेकर ऊंचे स्थानों की ओर जा रहे हैं. पानी बढ़ने के कारण लोगों के सामने रहने, भोजन और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की चुनौती बढ़ गयी है.

बाढ़ पीड़ितों को राहत शिविर और सूखा राशन का इंतजार

बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को अब सरकारी स्तर पर राहत शिविर और सूखा राशन मिलने का इंतजार है. ग्रामीणों का कहना है कि पानी से घिरे इलाकों में तत्काल खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के साथ सुरक्षित स्थानों पर राहत शिविर शुरू किए जाने की जरूरत है.

अधिकारी लगातार कर रहे प्रभावित इलाकों का जायजा

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी अनुपम और अंचलाधिकारी शिवानी सुरभि प्रभावित क्षेत्रों का लगातार जायजा ले रहे हैं. प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि स्थिति और बिगड़ने से पहले राहत एवं बचाव की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.

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