देवरी गांव में 308 वर्ष से मां काली का वास, बलि पूजन है खास

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बलि पूजन है खास

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अरविन्द कुमार जायसवाल ,बीकोठी. प्रखंड के देवरी गांव में मां काली पूजा की शुरुआत 308 वर्ष पूर्व हुई थी.तब से लेकर मां काली पूजा धूमधाम से मनायी जा रही है .इस वर्ष भी पूजा की तैयारी जोरों पर है. मंदिर परिसर में कलाकार प्रतिमा तैयार करने मे लगे हुए हैं.प्रतिमा की सज्जा धज्जा का अधिकांश समान बंगाल से मंगाया गया है. पूजा समिति के अध्यक्ष महेन्द्र प्रसाद यादव ने बताया कि 308 वर्ष पूर्व इस गांव में मां काली की पूजा शुरू हुई थी. प्रारंभ से ही यहां पूजा पंडित माधवी कुंवर किया करते थे. अब भी उनके वंशज पूजा कराते हैं . यहां वृहत पैमाने पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होता है .मेला मालिक सह पूजा समिति अध्यक्ष महेन्द्र प्रसाद यादव ,107 वर्षीय बुजुर्ग गणेश मिश्र, 94वर्षीय शशिकांत मिश्र,78 वर्षीय सूर्यकांत मिश्र,95वर्षीय सच्चिदानंद यादव,75 वर्षीय मंदन यादव,70 वर्षीय अर्जुन शर्मा, 60 वर्षीय अरूण झा ने बताया कि मां के मंदिर का निर्माण कार्य वर्ष 1890 में पूर्ण होते ही इस मंदिर की ख्याति फैल गयी. बलि प्रदान यहां खास होता है. हर सप्ताह मंगलवार एवं शुक्रवार के दिन सालों भर बलि प्रदान होते रहती है. फोटो. 27 पूर्णिया 10- देवरी मां काली मंदिर में पूजा की तैयारी

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