स्मैक कारोबार का बड़ा सेंटर बना पश्चिम बंगाल का कलियाचक जहां से पूरे सूबे में की जाती है आपूर्ति

नेक्सस तोड़ने की रणीनति बना रही पूर्णिया पुलिस
स्मैक के कारोबारियों का नेक्सस तोड़ने की रणीनति बना रही पूर्णिया पुलिस पूर्णिया. हाल के महीने में स्मैक की बरामदगी एवं तस्करों की गिरफ्तारी से यह खुलासा हुआ है कि इस कारोबार का बड़ा केन्द्र पश्चिम बंगाल के मालदा जिला अंतर्गत कलियाचक है. गत वर्ष 12 दिसंबर को पूर्णिया में पकड़े गये 5.190 किलो स्मैक के मामले में इसके कारोबार का नार्थ इस्ट कनेक्शन सामने आया था. पकड़े गये तस्करों से पूछताछ में पुलिस ने खुलासा किया था कि मणिपुर से स्मैक के कच्चे माल का खेप बंगाल के कलियाचक पहुंचता है, जहां से तैयार किया गया स्मैक पूर्णिया पहुंच रहा है. कलियाचक में स्मैक के कारोबार का एक बड़ा नेक्सस काम कर रहा है. इस कारोबार में अंतर्राज्यीय आपराधिक गिरोह के सदस्य तो सक्रिय हैं ही इसको उग्रवादी संगठनों का भी संरक्षण प्राप्त है. मणिपुर में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन स्मैक तैयार करने के लिए अफीम की व्यापक रूप से खेती करते हैं. कच्चा माल मणिपुर से आता है कलियाचक बीते वर्ष 26 जुलाई को पूर्णिया में हुए तनिष्क लूटकांड की छापेमारी में अपराधियों का पीछा करते हुए पुलिस की टीम बंगाल के कलियाचक पहुंची थी. जहां से वापस लौटने के बाद तत्कालीन सदर एसडीपीओ पुष्कर कुमार ने बताया था कि कलियाचक में बड़े पैमाने पर स्मैक का कारोबार चल रहा है और पूर्णिया और सीमांचल में इसकी सप्लाई हो रही है. स्मैक के सबसे बड़े खेप की बरामदगी में गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ में यह पता चला कि दालकोला का शक्ति स्मैक का कच्चा माल मणिपुर से मंगवाता है और उसे कलियाचक में तैयार कराने के बाद पूर्णिया में कारोबारियों को भेज देता है. इस कारोबार में दो दर्जन लोगों के नाम का खुलासा भी हुआ था. पूर्णिया के बेलौरी में होती है स्मैक की डिलेवरी पहले स्मैक को लाने खुद यहां के कारोबारियों को दालकोला या मालदा जाना पड़ता था. लेकिन अब बंगाल के कारोबारियों द्वारा अपने लोगों के माध्यम से पूर्णिया के बेलौरी में स्मैक की डिलेवरी यहां के कारोबारियों को की जा रही है. हाल के महीने में स्मैक की बरामदगी और पकड़े गये लोगों की गिरफ्तारी से यह खुलासा हुआ है. तस्करों ने बंगाल के रास्ते कटिहार जिले के बंगाल सीमा अंतर्गत सुनौली, मुफस्सिल थाना के सपनी, महेन्द्रपुर, मझेली से बेलौरी का रास्ता चुना है, जहां पुलिस की चहल पहल कम रहती है. यहां कलियाचक से सीधी स्मैक पूर्णिया पहुंच रहा है. बेलौरी से पकड़े गये अधिकांश तस्कर पश्चिम बंगाल से पहुंचे स्मैक की खेप को पुलिस ने अक्सर बेलौरी क्षेत्र में बरामद किया है. बीते 16 मार्च को मुफस्सिल थाना की पुलिस ने 515 ग्राम स्मैक के साथ तीन तस्कर को गिरफ्तार किया था. इसमें अहद नाम का गिरफ्तार युवक मालदा जिले के कलियाचक का रहनेवाला बताया गया था. 16 मार्च को पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो लोगों को स्मैक के साथ पकड़ी थी. दो अभियुक्त बंगाल के रहनेवाला बताया गया था. बीते 2 अप्रैल को मुफस्सिल थाना की पुलिस ने 517 ग्राम स्मैक के साथ चार तस्कर को बेलौरी में पकड़ा था. इनमें गिरफ्तार दो लोग रमजान शेख एवं वासिफ शेख कलियाचक के रहनेवाला बताया गया था. स्मैक की सबसे बड़ी बरामदगी 5.190 किलो भी बेलौरी पुल के पास हुई थी. स्मैक की अधिकांश बरामदगी बेलौरी क्षेत्र में होने से यह स्पष्ट है कि तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपने रूट बदल लिये हैं. दो वर्ष पूर्व एक किलो 500 ग्राम स्मैक की बरामदगी भी बेलौरी क्षेत्र में की गयी थी. दो दिन पूर्व एसपी ने किया था खुलासा बेलौरी में 517.54 ग्राम स्मैक की बरामदगी एवं चार तस्करों की गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को एसपी कार्तिकेय शर्मा ने यह खुलासा किया था कि स्मैक की खेप मालदा जिले के कलियाचक से पूर्णिया पहुंच रहा है. गिरफ्तार तस्करों ने स्मैक के बड़े धंधेबाज 7-8 लोगों के नाम भी बताये हैं, जिन्हें चिन्हित किया गया है. उन्होंने बताया कि जल्दी ही इन कारोबारियों के नेक्सस को खत्म कर दिया जायेगा. अब देखना यह है कि पूर्णिया पुलिस बंगाल के कलियाचक के स्मैक कारोबारियों के विरुद्ध किस प्रकार से कार्रवाई करती है. इस कार्रवाई में बंगाल पुलिस की सहभागिता लाजिमी है.
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