साल भर में ही धंसने लगा 15वीं वित्त का पुल! पूर्णिया के कसबा में ग्रामीणों में दहशत, बोले- सरिये की जगह हुआ खेल
फोटो- पुल पर प्रदर्शन करते स्थानीय ग्रामीण | Prabhat Khabar Network
पूर्णिया के कसबा में 15वीं वित्त योजना के तहत बना पुल निर्माण के एक साल के भीतर ही जर्जर होने लगा है, जिससे ग्रामीणों में हादसे का डर बढ़ गया है. ग्रामीणों ने निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
पूर्णिया, कसबा. प्रखंड के मोहनी पंचायत में 15वीं वित्त योजना के तहत करीब एक वर्ष पूर्व गेरुआ चौक के पूर्व निर्मित पुल की स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि पुल और उससे जुड़े हिस्से की हालत खराब हो गई है तथा कई जगहों पर धंसने जैसी स्थिति बनी हुई है. इससे ग्रामीणों में संभावित हादसे को लेकर चिंता बढ़ गई है. मामले की शिकायत के बाद डीआरडीए निदेशक अमरेंद्र कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी मधु कुमारी और प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी दीपक कुमार शनिवार को गेरुआ पहुंचे और पुल की जांच की.
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निर्माण में मानकों की अनदेखी का ग्रामीणों ने लगाया आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि पुल निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया. उनका कहना है कि निर्माण में पर्याप्त मात्रा में सरिया का उपयोग नहीं किया गया, जिसके कारण निर्माण के करीब एक वर्ष के भीतर ही संरचना कमजोर होने लगी. ग्रामीणों के अनुसार पुल और आसपास के हिस्से में कई जगह क्षति दिखाई दे रही है. उन्होंने आशंका जताई कि समय रहते मरम्मत या आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में हादसा हो सकता है.
जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय और तकनीकी जांच की मांग
मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है. ग्रामीणों ने पुल निर्माण की उच्चस्तरीय और तकनीकी जांच कराने की मांग उठाई है.ग्रामीणों ने निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता की जांच और योजना की राशि के खर्च का ऑडिट कराने की भी मांग की है. उनका कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार हुआ था या नहीं.
डीआरडीए निदेशक समेत अधिकारियों ने मौके पर किया निरीक्षण
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआरडीए निदेशक अमरेंद्र कुमार, बीडीओ मधु कुमारी और प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी दीपक कुमार ने शनिवार को गेरुआ पहुंचकर पुल की स्थिति का जायजा लिया. अधिकारियों ने पुल और आसपास के हिस्से का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान पुल के कई हिस्सों में क्षति की स्थिति देखी गई. अब जांच के बाद संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर लोगों की नजर है.

मुखिया ने आरोपों को किया खारिज
वहीं मोहनी पंचायत के मुखिया श्याम सुंदर उरांव ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि पुल की मुख्य संरचना को कोई नुकसान नहीं हुआ है. मुखिया के अनुसार तेज पानी के बहाव के कारण केवल पुल का संपर्क पथ कट गया था. उन्होंने कहा कि पुल की संरचना सुरक्षित है और ग्रामीणों द्वारा लगाए जा रहे निर्माण की गुणवत्ता से संबंधित आरोप सही नहीं हैं.
जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगी पुल की वास्तविक स्थिति
ग्रामीणों के आरोप और मुखिया के बयान के बाद अब अधिकारियों की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है. तकनीकी जांच के बाद ही पुल की संरचना, निर्माण की गुणवत्ता और क्षतिग्रस्त हिस्सों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. ग्रामीणों की मांग है कि यदि जांच में निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए और पुल तथा संपर्क पथ को जल्द सुरक्षित बनाया जाये.
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