पूर्णिया कोर्ट में जानकी के ठहराव को ले लोग गोलबंद

Updated:
विज्ञापन

पूर्णिया : सहरसा-पूर्णिया रेलखंड के पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पर जानकी एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव की मांग गुजरते वक्त के साथ गहराती जा रही है. बदलते दौर में यह पूर्णिया का बड़ा मुद्दा बनने लगा है और इस मुद्दे को लेकर गोलबंदी की मुहिम भी अंदर ही अंदर चल रही है. समझा जाता है कि आने […]

विज्ञापन

पूर्णिया : सहरसा-पूर्णिया रेलखंड के पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पर जानकी एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव की मांग गुजरते वक्त के साथ गहराती जा रही है. बदलते दौर में यह पूर्णिया का बड़ा मुद्दा बनने लगा है और इस मुद्दे को लेकर गोलबंदी की मुहिम भी अंदर ही अंदर चल रही है.

आपके शहर में

विज्ञापन
समझा जाता है कि आने वाले दिनों में गोलबंदी की इस मुहिम को आंदोलन का स्वरूप भी दिया जा सकता है. दरअसल पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पर जानकी एक्सप्रेस को नहीं रोके जाने का शहरवासियों को मलाल है. यह सवाल उन्हें साल रहा है कि पूर्णिया चार जिलों का प्रमंडलीय मुख्यालय है और यह नेपाल व बंगाल समेत पूर्वोत्तर भारत का गेटवे है.
दूसरा अहम सवाल है कि पूर्णिया हमेशा से मिथिला का हिस्सा रहा है. कमलांचल (दरभंगा-मधुबनी) की बड़ी आबादी यहां बसती है, जिसका अपने गांव घर जाना आना लगा रहता है. इस लिहाज से पूर्णिया कोर्ट में यात्रियों की कमी भी नहीं है.
इससे रेलवे के राजस्व का भी लाभ है. ऐसे में पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पर जानकी एक्सप्रेस का ठहराव नहीं दिये जाने पर लोगों का आक्रोश बढ़ रहा है. स्थानीय लोगों को इस बात पर आक्रोश है कि कई बार डीआरडीएम द्वारा आश्वासन दिये जाने के बावजूद उनकी मांग अधर में लटकी पड़ी है, जबकि उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
माकूल नहीं पूर्णिया जंक्शन पर जानकी का टाइम
सीमांचल को कमलांचल से जोड़ने वाली जानकी एक्सप्रेस का ठहराव जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर पूर्णिया जंक्शन पर दिया गया है पर वहां यह ट्रेन मध्य रात्रि पहुंचती है.
पूर्णिया में न तो रात में टैक्सी चलती है और न ही इतनी रात को पूर्णिया जंक्शन जाकर ट्रेन पकड़ना आम शहरियों के लिए संभव है. पुराने यात्रियों का कहना है कि जानकी एक्सप्रेस पहले पूर्णिया कोर्ट और पूर्णिया जंक्शन पर रुकती थी.
पूर्णिया जंक्शन पर हो जानकी का पुराना टाइम
रेल यात्रियों ने पूर्णिया जंक्शन रेलवे स्टेशन पर जानकी एक्सप्रेस का पुराना टाइम सुनिश्चित करने की मांग की है. रेल यात्रियों ने बताया कि पहले पूर्णिया जंक्शन पर जानकी एक्सप्रेस शाम के साढ़े सात बजे आती थी और आठ बजे तक खुल जाती थी.
इससे दूर दराज के यात्री भी आसानी से ट्रेन पकड़ लेते थे और उन्हें लंबा इंतजार भी नहीं करना पड़ता था. मगर अभी मध्य रात्रि में ट्रेन पकड़ने के लिए नौ बजे तक स्टेशन पहुंचना पड़ता है, क्योंकि देर रात के लिए घर मोहल्ले से कोई सवारी नहीं मिलती
विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन