Watch VIDEO: पटना में पुनपुन नदी का रौद्र रूप, डेंजर लेवल पार करते ही धंसने लगी सड़क, घरों पर मंडराया खतरा

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बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. पुनपुन नदी का जलस्तर डेंजर लेवल पार कर गया है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों में दहशत है. पटना के पास बरैयाको पंचायत में सड़क धंसने लगी है और कई मकानों पर खतरा मंडरा रहा है.

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बिहार में गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच अब पुनपुन नदी भी खतरे का संकेत देने लगी है. पुनपुन नदी का जलस्तर डेंजर लेवल से ऊपर पहुंचने के बाद नदी किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल है. पटना से सटे बरैयाको पंचायत में नदी के किनारे बनी कनेक्टिविटी सड़क कई जगहों पर धंसने लगी है. सड़क के ठीक किनारे मकान होने के कारण ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर और बढ़ा तो सड़क के साथ उनके घर भी नदी की चपेट में आ सकते हैं.

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डेंजर लेवल पार करते ही धंसने लगी सड़क

पटना जिला प्रशासन के आंकड़े के अनुसार पुनपुन नदी का जलस्तर करीब 52 सेंटीमीटर तक पहुंच गया है, जबकि डेंजर लेवल करीब 50 सेंटीमीटर बताया जा रहा है. पानी का दबाव बढ़ने के साथ नदी किनारे की सड़क धीरे-धीरे कटने और धंसने लगी है. कई जगह सड़क के किनारे की मिट्टी खिसक रही है.

70-75 मकानों पर मंडरा रहा खतरा

ग्रामीणों के अनुसार जिस सड़क पर कटाव शुरू हुआ है, उसके आसपास करीब 70-75 मकान हैं और गांव की आबादी लगभग 250 है. सड़क के ठीक किनारे बने मकानों को सबसे ज्यादा खतरा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया तो घरों के भी प्रभावित होने की आशंका है.

रातभर जागकर नदी और सड़क की निगरानी

ग्रामीण विनीत कुमार ने बताया कि 2019 के बाद पहली बार पुनपुन नदी में इस तरह का जलस्तर देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि सड़क लगातार धंस रही है और घर नदी के बिल्कुल किनारे हैं. ग्रामीण रातभर जागकर सड़क और नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो गांव से बाहर निकलने का रास्ता भी बंद हो सकता है. इससे बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों को लेकर चिंता और बढ़ गयी है.

एसडीएम-एसडीपीओ ने लिया जायजा

स्थिति की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम और एसडीपीओ समेत अधिकारियों ने प्रभावित इलाके का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त हिस्से को बचाने के लिए बोरा और बांस लगाने का आश्वासन दिया है. ग्रामीण अब इंतजार कर रहे हैं कि सुरक्षा इंतजाम कब शुरू होते हैं.

मवेशियों को लेकर भी बढ़ी चिंता

बाढ़ के पानी के सड़क तक पहुंचने के बाद ग्रामीणों को मवेशियों की भी चिंता सताने लगी है. एक ग्रामीण ने बताया कि गाय को घर में बांधकर रखा गया है और ऐसे हालात में उसे बाहर निकालना भी जोखिम भरा है. पानी बढ़ने पर चारा और पशुओं को सुरक्षित रखने की समस्या भी गंभीर हो सकती है.

ग्रामीण बोले- नेपाल जैसी त्रासदी का डर

ग्रामीणों ने कहा कि लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण उन्हें रात में सोने में भी डर लग रहा है. उनका कहना है कि यदि रात में अचानक सड़क और नदी का किनारा टूट गया तो घरों को संभलने का मौका नहीं मिलेगा. इसी आशंका के कारण कई लोग रातभर जागकर स्थिति पर नजर रख रहे हैं.

गंगा के बाद पुनपुन ने बढ़ायी चिंता

एक तरफ गंगा के बढ़ते जलस्तर से पटना समेत नदी किनारे के इलाकों में चिंता बढ़ी हुई है, वहीं पुनपुन नदी के उफान ने दूसरी तरफ खतरा बढ़ा दिया है. नदी किनारे सड़क के धंसने से ग्रामीणों की चिंता अब सिर्फ जलस्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि संपर्क मार्ग और घरों की सुरक्षा को लेकर भी है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क को सुरक्षित करने, कटाव रोकने और रात में निगरानी बढ़ाने की मांग की है.

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